मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश और प्रदेश में सबसे अधिक पीड़ित किसान, आम जनता और युवा हैं, जिन्हें सरकारों ने पूरी तरह उपेक्षित कर दिया है।
जीतू पटवारी ने अमेरिका के कृषि मंत्री के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के किसानों के लिए बेहद घातक साबित होगी। इस समझौते के तहत अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पादों पर भारत में 0% टैरिफ लगेगा, जबकि भारत में उत्पादित कृषि सामग्री पर अमेरिका में 18% तक टैक्स लगाया जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि जब अमेरिकी कृषि मंत्री खुलकर इस डील की जानकारी दे रहे हैं, तो भारत के कृषि मंत्री-जो स्वयं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं-इस मुद्दे पर मौन क्यों हैं और यह चुप्पी किस दबाव में है।

पटवारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले ही आगाह कर चुके थे कि यह ट्रेड डील 100% भारत के खिलाफ होगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय दबाव में झुकेंगे। आज अमेरिकी कृषि मंत्री के बयान से यह चेतावनी सच साबित होती दिख रही है।
उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में किसानों को न तो उनकी फसलों का उचित मूल्य मिल रहा है और न ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी हो पा रही है। भाजपा सरकार के “खेती को लाभ का धंधा बनाने” के वादे खोखले साबित हुए हैं। पटवारी ने चेताया कि यदि अमेरिका से सस्ता कृषि उत्पादन बिना टैक्स भारत आया, तो देश के किसानों की आमदनी पूरी तरह तबाह हो जाएगी। कांग्रेस पार्टी किसानों के हित में सड़कों पर उतरकर निर्णायक आंदोलन करेगी।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कर्ज़ लेने के मामले में अपने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में अब तक प्रदेश सरकार लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये का कर्ज़ ले चुकी है और हालिया 5200 करोड़ रुपये के कर्ज़ को मिलाकर प्रदेश पर प्रतिदिन करीब 213 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। पटवारी ने कहा कि बजट का आकार केवल कर्ज़ लेने के लिए बढ़ाया जा रहा है, जो आर्थिक दिवालियापन की ओर इशारा करता है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार कर्ज़ चुकाने के लिए प्रदेश की संपत्तियां बेच रही है। अब तक 101 संपत्तियां मात्र 1100 करोड़ रुपये में बेची जा चुकी हैं और अन्य संपत्तियों को भी जल्दबाज़ी में बेचने की तैयारी है। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और लूट का परिणाम बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के कई विभागों में कर्मचारियों को 6-6 महीने से वेतन नहीं मिला है और अतिथि शिक्षकों का भुगतान भी लंबे समय से रुका हुआ है, लेकिन सरकार केवल प्रचार और अभिनंदन कार्यक्रमों में व्यस्त है।
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार एक ओर खुद को ओबीसी हितैषी बताती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी धन से महंगे वकीलों को फीस देकर ओबीसी आरक्षण को रोकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इसे ओबीसी समाज और जनता के पैसे का दुरुपयोग बताया।
अंत में जीतू पटवारी ने कहा कि जिन मंत्रियों पर गंभीर आरोप हैं, उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने 26 मौतों के लिए जिम्मेदार स्वास्थ्य मंत्री और 32 मौतों के लिए जिम्मेदार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से पद की गरिमा बनाए रखने, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने और प्रदेश की जनता को जवाब देने का आग्रह किया। जीतू पटवारी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत के साथ जनता की आवाज़ बनकर संघर्ष करेगी और किसानों, युवाओं तथा आम जनता के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होने देगी।