रिपोर्ट – माया सिंह
रांची : दिल्ली – मुम्बई जैसे बड़े शहरों के बाद अब देश के बाकी हिस्सों में भी कोरोना फिर से अपना पांव पसारने लगा है । लगातार बढ़ते मामलों के बीच झारखण्ड में कोरोना बेकाबू हो गया है । कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ने के साथ ही मरने वालों का भी आंकड़ा आसमान छू रहा है । आलम यह है कि श्मशान में मृतकों के अंतिम संस्कार के लिये जगह नहीं हैं । स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने से लेकर श्मशान घाट तक वेटिंग ही वेटिंग मिल रही हैं । एक मृतक के बेटे ने बताया कि पिछले 40 घंटे से अपने पिता के दाह संस्कार करने के लिये खड़े हैं लेकिन श्मशान में जगह नहीं मिल रहा और नाहि कहीं से कोई मदद मिल रही है ।
दरअसल , झारखण्ड में पहले कोरोना मरीजों को अस्पताल में बेड का इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब श्मशान में भी लंबी लाइन लगानी पड़ रही है , जिससे वहां के लोग काफी परेशान हैं । फिलहाल, राजधानी रांची की हालात ऐसा हो गई है कि कोई भी आसानी से श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहा ।
जानकारी के मुताबिक रविवार रात की स्थिति इतनी बदत्तर हो गई कि हरमू स्थित श्मशान घाट पर 13 शव पहुंचे लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी दाह संस्कार नंही हो पाया । हालांकि यहां कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों के शवों का गैस क्रिमेटोरियम में दाह संस्कार किया जा रहा है लेकिन मशीन में खराबी आने के वजह से श्मशान ले जाया गया था । लोगों ने बताया कि काफी समय तक श्मशान के मुख्य दरवाजे पर इंतजार करने के बावजूद जब जगह नहीं मिला तो देर रात जिला प्रशासन के निर्देश घाघरा श्मशान शवों को ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया ।

एक मृतक के बेटा रमेश तिर्की ने बताया कि पिछले 40 घंटे से पिता के दाह संस्कार के लिये खड़े हैं । एंबुलेंस में शव लेकर आया ड्राइवर भी परेशान हो गया है । इतनी तेज गर्मी में घंटो भर पीपीई कीट पहनकर इंतजार करना पड़ रहा है ।
बता दें कि झारखंड में कोरोना मरीजों के मौत का आंकड़ा 100 पार कर चुका है वहीं रांची में पिछले 10 दिनों से कोरोना का कहर बढ़ते ही जा रहा है । केवल इस महिने की बात करें तो एक से लेकर 10 अप्रैल के बीच ही कुल 36 कोरोना मरीजों की मौत हुई है ।