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यूपी के नोएडा में धर्मांतरण कराने वाले रैकेट का भंडाफोड़, दो मौलाना गिरफ्तार, करीब एक हजार…

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : देश के लगातार कई हिस्से से धर्मांतरण जैसे कई मामले सामने आ रहे थे। जिसे लेकर लगातार पुलिस अपनी पैनी नजर उन आरोपियों पर टिकाये हुए थी। जिसमें यूपी एटीएस पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई और इस मामले में दो मौलानाओं को गिरफ्तार किया है। आपको बता दें कि ये रैकेट पिछले दो सालों से सक्रिय था, जिसका भंडाफोड़ यूपी के नोएडा में हुआ।

बता दें कि इस रैकेट के अंतर्गत मूक-बधिर बच्चों और महिलाओं को निशाना बनाकर उनको धर्म परिवर्तन कराया जाता था। इस मामले में पुलिस को विदेशी फंडिंग होने के भी सबूत मिले हैं। अभी तक सिर्फ दो ही गिरफ्तारियां हुई हैं, लेकिन इसमें 100 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की आशंका है।

यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया कि पिछले एक साल में 350 लोगों का धर्मांतरण कराया गया है। नोएडा के एक मूक बधिर स्कूल के भी 18 बच्चों का धर्मांतरण कराया गया। अब तक एक हजार से ज्यादा लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा चुका है। ये पूरा रैकेट पिछले दो साल से चल रहा था। उन्होंने बताया कि मामले में विदेशी फंडिंग के सबूत भी मिले हैं। उन्होंने ये भी बताया कि लोगों को डरा-धमकाकर और लालच देकर धर्मांतरण कराया जाता है।

बता दें कि पकड़े गए दोनों आरोपी मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी दिल्ली के जामिया नगर इलाके के रहने वाले हैं। इनके ऊपर सिर्फ यूपी ही नहीं, बल्कि पूरे देश में धर्मांतरण कराने का आरोप है। इस मामले में एटीएस ने यूपी के गोमती नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें जामिया नगर स्थित आईडीसी इस्लामिक दावा सेंटर के चेयरमैन का नाम भी दर्ज है।

जानकारी के मुताबिक, यूपी एटीएस इन दोनों मौलानाओं से चार दिन से पूछताछ कर रही है। जांच में ये भी सामने आया है कि मोहम्मद उमर गौतम भी हिंदू से मुस्लिम में कन्वर्ट हुआ था।

एटीएस की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक, ये लोग गैर-मुस्लिमों को डरा-धमकाकर, उन्हें नौकरी और पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराते थे। ये लोग आमतौर पर कमजोर वर्गों, बच्चों, महिलाओं और मूक बधिरों को टारगेट कर उनका इस्लाम में धर्म परिवर्तन कराते थे।

एटीएस अफसरों का कहना है कि ये लोग गरीब हिंदुओं को निशाना बनाते थे और अब तक एक हजार से ज्यादा हिंदुओं का धर्मांतरण कर चुके हैं। ये दोनों मौलाना ज्यादा मूक बधिर और महिलाओं का धर्म परिवर्तन करवाते थे। इतना ही नहीं, जांच में ये भी सामने आया है कि नोएडा में चल रहे मूक बधिर स्कूल के डेढ़ दर्जन बच्चों का भी धर्म परिवर्तन करवा चुके हैं। इन दोनों का नाम रामपुर से जुड़े धर्मांतरण के मामले में भी सामने आ रहा है।

अब इन दोनों मौलानाओं को गिरफ्तार कर जानकारी जुटाई जा रही है। इन्हें फंडिंग कहां से होती थी? इनका मकसद क्या है? ऐसे तमाम सवालों के जवाब इनसे पूछे जा रहे हैं।

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