श्योपुर: जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। नदी-नालों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने नागरिकों से पानी में डूबे रपटों और पुलियाओं को पार नहीं करने की सलाह दी है।
कलेक्टर ने लोगों से कहा है कि बारिश के दौरान जिन रपटों, पुलियाओं या रास्तों पर पानी बह रहा हो, वहां से निकलने का जोखिम न उठाएं। जलभराव वाले क्षेत्रों में भी अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की गई है। इसके अलावा नागरिकों को पेड़ों, जर्जर इमारतों और कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े होने या बैठने से भी बचने की सलाह दी गई है।
जिले में बारिश की स्थिति को देखते हुए श्योपुर, कराहल और विजयपुर के एसडीएम के साथ तहसीलदारों तथा जनपद सीईओ को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को नदी-नालों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और ग्रामीण क्षेत्रों से समय-समय पर स्थिति की जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। पटवारियों और कोटवारों के माध्यम से गांवों में बारिश और जलभराव की स्थिति की रिपोर्ट लेने की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन ने बाढ़ की दृष्टि से चिन्हित 60 संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। संबंधित अधिकारियों को इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल प्रशासन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए नगरपालिका को आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। पानी की निकासी के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने और प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने को कहा गया है।
प्रशासन ने किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए रेस्क्यू टीमों को भी तैयार रखा है। अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह की आपात स्थिति में तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दें। इसके लिए 07530-222631 और 07530-221459 नंबर जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतें और जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें।