उज्जैन : आगामी सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में विभिन्न निर्माण परियोजनाओं को गति देने की कवायद तेज हो गई है। संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में जल संसाधन विभाग को सिद्धवट के आगे शिप्रा नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में 200 से 300 मीटर तक घाट निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में उन्हेल रोड स्थित ब्रिज के दोनों तरफ घाट निर्माण की संभावनाओं पर भी योजना तैयार करने को कहा गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सिंहस्थ से जुड़े सभी जरूरी निर्माण कार्यों को समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
बैठक में बताया गया कि निकास चौराहे से हरिफाटक ब्रिज तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर का काम शुरू हो चुका है। निर्माण क्षेत्र में बैरिकेडिंग और यातायात डायवर्जन की योजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही पाइलिंग का काम भी शुरू किया जाएगा। आगर नाका से हरिफाटक तक बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर में करीब 30 पाइलिंग पूरी हो चुकी हैं। वहीं आगर नाका से चरक भवन वाले हिस्से में आवश्यक क्लियरेंस मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि एमआर-24 के समीप शिप्रा नदी पर प्रस्तावित फोरलेन ब्रिज का निर्माण भी शुरू हो गया है। यह पुल इंदौर रोड को चिंतामण रेलवे स्टेशन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक में शनि मंदिर, प्रशांति धाम, नानाखेड़ा से शांति पैलेस, नागझिरी से दताना और संयुक्त प्रशासनिक भवन समेत अन्य निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
संभाग आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के साथ निर्माण की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न किया जाए। जो कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं, उनका जल्द लोकार्पण कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर, अपर मेला अधिकारी ओमप्रकाश सनोडिया, उप मेला अधिकारी संदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।