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किसान महापंचायत की इस तस्वीर को शेयर कर बुरे फंसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा का हमला…

तीन कृषि कानून को लेकर किसानों द्वारा शुरु किया आंदोलन अब धीरे-धीरे राजनीतिक मोड़ लेता जा रहा है। एक तरफ जहां इस आंदोलन की आड़ धार्मिक उन्माद फैलाने वाले नारे लगे रहे है, तो वहीं विपक्षी पार्टियां इस आंदोलन को लेकर सियासी रोटी सेंकने में लग गये है। आपको बता दें कि किसानों का यूपी के मुजफ्फरनगर में महापंचायत खत्म होने के बाद सियासी प्रोपगेंडा शुरू हो चुका है।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : तीन कृषि कानून को लेकर किसानों द्वारा शुरु किया आंदोलन अब धीरे-धीरे राजनीतिक मोड़ लेता जा रहा है। एक तरफ जहां इस आंदोलन की आड़ धार्मिक उन्माद फैलाने वाले नारे लगे रहे है, तो वहीं विपक्षी पार्टियां इस आंदोलन को लेकर सियासी रोटी सेंकने में लग गये है। आपको बता दें कि किसानों का यूपी के मुजफ्फरनगर में महापंचायत खत्म होने के बाद सियासी प्रोपगेंडा शुरू हो चुका है।

आपको बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी किसान महापंचायत के बाद एक फोटो शेयर कर बुरे फंस गए हैं। बीजेपी का कहना है कि मुजफ्फरनगर में किसान पंचायत को लेकर राहुल गांधी ने जो ट्वीट किया उसमें उन्होंने पुरानी तस्वीर का इस्तेमाल किया। बीजेपी का आरोप है कि तस्वीर के जरिए ये बताने की कोशिश की गई कि किसान महापंचायत में कितनी भीड़ है।

 

दरअसल, किसान महापंचायत के नाम पर राहुल गांधी ने जो फोटो शेयर की है वह करीब सात महीने पुरानी फोटो है। बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी के ट्वीट वाले फोटो को शेयर कर यह दावा किया है कि उन्होंने पुरानी फोटो को शेयर कर सफलता का झूठा दावा करते हुए भ्रम फैलाया है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी राहुल गांधी को भ्रम के सहारे राजनीति करने वाला बताया है।

राहुल गांधी ने तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा था, “डटा है, निडर है, इधर है, भारत का भाग्यविधाता। हालांकि अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने मुजफ्फरनगर में किसान पंचायत का जिक्र नहीं किया था।”

 

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर हमला बोला। पात्रा ने कहा कि, ”अपने संगठन को आगे नहीं बढ़ाना, अपने संगठन को अध्यक्ष विहीन रखना, परिश्रम नहीं करना और दूसरे के कंधों पर बंदूक रखकर चलाने का प्रयास करना राहुल गांधी जी की आदत बन चुका है।”

उन्होंने कहा कि, ”देश में जब भी भ्रम की, झूठ की राजनीति होती है, तो राहुल गांधी जी का हाथ होता ही है। आज राहुल गांधी जी ने किसान आंदोलन की पुरानी तस्वीर को ट्वीट कर उसे वर्तमान का फोटो बताया है।”

पात्रा ने कहा कि, ”राहुल गांधी भली-भांती जानते हैं कि कांग्रेस अध्यक्षविहीन है, इसलिए कांग्रेस जमीन पर किसी भी विषय को उठाने के लिए असमर्थ है। इसलिए ये झूठे फोटो के माध्यम से राजनीति करने की कोशिश करते हैं।”

 

वहीं बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमिल मालवीय ने भी राहुल गांधी के ट्वीट के लिए उनको निशाने पर लिया। मालवीय ने लिखा कि, ”महापंचायत की सफलता दिखाने के लिए राहुल गांधी को पुरानी तस्वीर का सहारा लेना पड़ा, ये दिखाता है कि किस तरह से किसानों की पंचायत में भारी भीड़ का दुष्प्रचार किया गया। जिस तरह से धार्मिक नारे लगे उससे साबित होता है कि इनका असली मकसद क्या है।’

आपको बता दें कि इससे पहले रविवार को मुज़फ़्फ़रनगर में किसान महापंचायत के दौरान राकेश टिकैत ने भारत सरकार की तुलना तालिबान से की थी। टिकैत ने कहा कि अफगानिस्तान में खुलेआम तालिबान है, जबकि देश में पर्दे के पीछे तालिबान है। बीजेपी ने इस पर कड़ी प्रतिकिया दी थी और इसे मानसिक दिवालियापन बताया।

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