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अधर्मी DSP देविंदर के धर्म पर सियासत क्यों हो रही है ?

By: RNI Hindi Desk 
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अधर्मी DSP देविंदर के धर्म पर सियासत क्यों हो रही है ?

देश के लिए एक बड़ी और दुखद खबर है, दरअसल हाल ही में जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा से गिरफ्तार किये गए DSP की भूमिका बेहद ही संदिग्ध हो चली है और देविंदर सिंह की ज़िन्दगी नाजुक मोड़ पर खड़ी है, आतंकियों के साथ साठ-गांठ के मामले में जांच चल रही है।

ऐसा भी हो सकता है कि DSP ने अपने फर्ज से मुंह मोड़ हो, लेकिन सियासतदानों ने इसे एक अलग एंगल दे दिया और ये नया एंगल है धर्म का, असल मे ये नया नही बल्कि एक सीरीज है, जब धर्म की आड़ में कभी आतंकवाद में धर्म खोज गया तो कभी धर्म की आड़ में आतंकवाद खोजने की कोसिस हुई, और ये उस खबर से भी दुखद है, देखिये कैसे….

पीएम मोदी ने दूसरी बार सत्ता संभालते ही छल में छेद करने की बात की थी, लेकिन उन्हें पता होना चाइये की हमारे यहाँ सियासत के वो शोधकर्ता भी हैं, जो बोलते नही, गढते है, बयान गढ़ते है, लेकिन कुछ नया करने की चाहत में अधिक आगे निकल जाते है, जैसे अधिर रंजन चौधरी निकल गए।

ये वहीं कांग्रेस के अधीर रंजन हैं, जो पिछले दिनों कमजोर हिंदी की आड़ में बड़ी बात से मुंह मोड़ रहे थे, लेकिन अबकी बार जल्दबाजी कर अधिर रंजन चौधरी काफी निकल गये और चौधरी ने ट्विटर पर लिखा कि अगर देविंदर सिंह ‘खान’ होते तो आरएसएस के ट्रोल्स अभी तक काफी आक्रामक हो गए होते.

चौधरी ने लिखा, “हमारे देश में दुश्मनों का चाहें कोई भी रंग हो, पंथ हो या कोई धर्म हो उसकी निंदा की जानी चाहिए. और किसी भी कीमत पर बख्शा नही जाना चाहिए.”

ऐसे तो फोरेंसिक टीम या स्पेशल जैसा कोई विभाग ही नही होना चाहिए, जब खान और सिंह होने से ही पुलिस नतीजे तक पहुंच जाती है तो कोर्ट के फैसले का इंतजार ही क्यो ! लेकिन सवाल है कि आखिर अधीर रंजन चौधरी जैसे नेता की ओर से ऐसे बयान की किसी ने उम्मीद की होगी लेकिन बीजेपी ऐसा ही मानती है।

लेकिन क्या वाकई ऐसा होता है कि पुलिस सिंह और शर्मा जैसे अपराधियों की आरती उतारती है ? नही पुलिस तो पुलिस है, पीटती है तो हिन्दू मुसलमान सबको पीटती है, और रिश्वत के पैसे लेने वाले अधर्मी कभी धर्म का भेद-भाव भी नहीं करता, लेकिन सियासत में धर्म का अपना अलग स्थान है, जो जैसे चाहे धर्म की बंसी बजा सकता है और अधीर रंजन चौधरी पहले ऐसे नेता नहीं, बल्कि सियासत में धर्म की फजीहत करने वाले ऐसे नेताओं की फेहरिस्त बड़ी लंबी है…

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