कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर 12,000 करोड़ के लौह अयस्क निर्यात घोटाले का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि केन्द्र में बैठी बीजेपी ने पिछले 6 सालों में बार-बार ऐसे उदाहरण दिए हैं जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि मोदी सरकार सिर्फ अपने कुछ चुनिंदा अमीर दोस्तों के लिए सत्ता में आई है।
इससे न केवल भारत के प्राकृतिक संसाधन को लुटाया गया बल्कि ₹12,000 करोड़ का निर्यात शुल्क भी चोरी किया गया। विदेशी व्यापार (विकास और विनियमन) एक्ट 1992 के तहत इन कंपनियों पर लौह अयस्क छर्रों के गैर कानूनी निर्यात पर 2 लाख करोड़ का जुर्माना बनता है : श्री @Pawankhera
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हवाई अडडों से लेकर बंदरगाहों तक, टेलिकम्यूनिकेशन से लेकर नवरत्न कंपनियां और यहां तक की भारत का गौरव मानी जाने वाले भारतीय रेल तक मोदी सरकार अपने दोस्तों पर लूटाने पर सदैव तत्पर दिखाई दे रही है।
प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में देश नहीं बल्कि पूंजीपति मित्र हैं। पूंजीपति मित्रों ने ड्यूटी फीस में लौह अयस्क छर्रों के गैर कानूनी निर्यात द्वारा भारत से ₹12,000 करोड़ लूट लिये। इसके लिए भाजपा सरकार उत्तरदायी है।#बेशर्मBJP pic.twitter.com/HFgsJx01to
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उन्होंने आगे कहा, “यह सरकार भूल जाती है कि देश और देश के भीतर इन तमाम संस्थानों का निर्माण कुछ मुठी भर पूंजीपतियों ने नहीं किया बल्कि इस देश का निर्माण एक-एक भारतवासी की मेहनत और खून और पसीने से हुआ है। जिस देश को हर देशवासी ने बनाया हो उसे चंद अमीरों के हाथों में बिकता देख दुख होता है। आज खनन क्षेत्र में हुए एक बहुत बड़े घोटाले की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं।”
– केन्द्र सरकार के किसी मंत्री अथवा संबंधित अधिकारी जिन्होंने यह गैर कानूनी निर्यात होने दिया, क्या उन पर कार्यवाही हुई?
– 2 लाख करोड़ के घोटाले में देश के बेशकीमती प्राकृतिक संसाधनों की खुली लूट हुई, इसकी नैतिक जिम्मेदारी मोदी जी किस पर डालेंगें? : श्री @Pawankhera #बेशर्मBJP pic.twitter.com/ZO5sThWowW— Congress (@INCIndia) October 8, 2020
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का कहना है, ‘2014 से पहले लौह अयस्क (कच्चा लोहे) का निर्यात सिर्फ MMTC द्वारा ही किया जाता था। और MMTC भी सिर्फ वह लौह अयस्क निर्यात कर सकती थी जिसमें 64 प्रतिशत लोहे की संकेन्द्रण इससे ऊपर के स्तर का लोहा बेचने से पहले MMTC को भी सरकार से अनुमति लेनी पड़ती थी, जिबकी MMTC में 89 प्रतिशत हिस्सेदारी सरकार की है। लौह अयस्क के निर्यात पर 30 प्रतिशत निर्यात शुल्क भी लगता था। यह इसलिए किया जाता था ताकि उम्दा स्तर का लोहा देश में ही रहे और देश के स्टील प्लांट के उपयोग में आए।’
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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के मुताबिक, ‘2014 में जब मोदी सरकार आई तो यह तमाम नियम कानून-आनन फनन में बदल दिए गए। स्टील मंत्रालय ने सबसे पहले तो 64 प्रतिशत लौह संकेन्द्रण का नियम बदला और Kudremukh Iron Ore Company Limited (KIOCL) को चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया और जापान में लौह अयस्क निर्यात की अनुमति दी। इसके अलावा मंत्रालय ने नीति में एक और परिवर्तन करते हुए यह घोषणा की कि लौह अयस्क पर तो 30 प्रतिशत निर्यात शुल्क जारी रहेंगे लेकिन अगर यह लौह अयस्क छर्रों के रूप में निर्यात किया जाए तो उस पर कोई निर्यात शुल्क लागू नहीं होगा।
भाजपा की चंद मित्रों के साथ मिलीभगत राष्ट्रीय संसाधनों की चोरी को बढ़ावा दे रही है। भाजपा सरकार ने उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्कों को पहले के विपरीत निर्यात करने की अनुमति दी।#बेशर्मBJP pic.twitter.com/7OZJVceTBP
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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का कहना है, ‘निर्यात करने की अनुमति KIOCL को प्राप्त थी, लेकिन 2014 से अब तक कई निजी कंपनियों ने छर्रों के माध्यम से हिन्दूस्तान का लौह अयस्क निर्यात करना शुरू कर दिया। इस पर शुल्क के रूप में हजारों करोड़ रूपये की चोरी हुई। अनुमान यह है कि इन निजी कंपनियों ने 2014 से अब तक लगभग 40 हजार करोड़ रूपये का लौह अयस्क निर्यात किया है।’
भाजपा सरकार सार्वजनिक उपक्रमों को बेचकर देश के गौरव को कम रही है। भाजपा सरकार देश के सामने स्पष्ट करे कि लौह अयस्क पर 30% निर्यात शुल्क हटाने पर हितधारकों की सलाह ली गई थी या नहीं? #बेशर्मBJP pic.twitter.com/RWUggm91DN
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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का आरोप है कि केंद्र सरकार की गलत नीति से न केवल बेशकीमती प्राकृतिक संसाधन को लुटाया गया बल्कि 12,000 करोड़ रूपये का निर्यात शुल्क भी चोरी किया गया। Foreign trade (Development and Regulation) Act 1992 के तहत इन कंपनियों पर लौह अयस्क छर्रों के गैर कानूनी निर्यात पर 2 लाख करोड़ का जुर्माना बनता है।’
भाजपा सरकार ने राष्ट्रीय संपत्ति को दांव पर लगा दिया है। भाजपा ने अपने मित्रों के फायदे के लिए नियमों में बदलाव कर ढील दी। भाजपा देश की राष्ट्रीय संपत्तियों को नष्ट कर रही है।#बेशर्मBJP pic.twitter.com/Fc4m1jP2he
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10 सितंबर 2020 को कानून मंत्रालय ने पत्र (संलग्न) के माध्यम से यह स्पष्ट भी किया कि छर्रों के निर्यात की अनुमति KIOCL को है और उसके अलावा जितनी भी कंपनियों इस्तेमाल कर रहे हैं वह गैर कानूनी है। यह न केवल विदेशी ट्रेड एक्ट 1992 के तहत गैर कानूनी है बल्कि कस्टम एक्ट 1962 के तहत भी यह गंभीर अपराध माना जाता है।
भाजपा का सत्ता पाने का लक्ष्य राष्ट्रीय संपत्तियों को बेचकर चंद मित्रों को फायदा पहुंचाना था। भाजपा सरकार ने अपने मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव कर दिया।#बेशर्मBJP pic.twitter.com/EgIRBIzepD
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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार से पांच सवाल भी पूछे हैं।
1. उच्च गुणवत्ता के लौह अयस्क जिसमें 64 प्रतिशत से ज्यादा लोहे का संकेन्द्रण हो के निर्यात की अनुमति क्यों दे दी गई ?
2. वह कौन सी कंपनियां हैं जिन्होंने 2014 से लेकर अब तक बिना अनुमति के लौह अयस्क का निर्यात किया ? उनके नाम सार्वजनिक किए जाए।
3. 2014 से लेकर अब तक क्या सरकार ने, क्या सरकार की किसी भी जांच एजेंसी ने लौह अयस्क के गैर कानूनी निर्यात को लेकर किसी भी निजी क्षेत्र की कंपनी की जांच की ?
4. केन्द्र सरकार ने अपने किसी मंत्री अथवा इससे संबंधित अधिकारी जिन्होंने यह गैर कानूनी निर्यात होने दिया पर क्या कार्यवाही हुई ?
5. इस 2 लाख करोड़ के घोटाले में देश के बेशकीमती प्राकृतिक संसाधनों की खुली लुट हुई है इसकी नैतिक जिम्मेदारी नरेन्द्र मोदी जी किस पर टालेंगें।