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वक्त गुजरने के साथ ही सीएम ममता बनर्जी की बढी बेचैनी, EC से की उपचुनाव तिथि घोषणा की मांग, कहा- कोरोना पूरी तरह नियंत्रित

पश्चिम बंगाल में उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने दावा किया कि कोरोना की स्थिति अब पूरी तरह से कंट्रोल में है। ममता बनर्जी ने कहा कि, “पश्चिम बंगाल में कोविड-19 की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। लोगों को वोट डालने और विधानसभा के लिए चुने जाने का अधिकार है। चुनाव आयोग को उपचुनावों की घोषणा करनी चाहिए क्योंकि हमें लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों में कटौती नहीं करनी चाहिए।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी ने कई बार कोरोना महामारी के दोबारा फैलने का आरोप बीजेपी पर मढ़ा था। और इसका कारण उन्होंने चुनाव के कारण लगातार हो रही रैली और जनसभा को बताया था। इस दौरान ममता ने राज्य में कई तरह का रोक भी लगा रखा था। वहीं अब जब देश में कोरोना की तीसरी लहर का अंदेशा जताया जा रहा है तो ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से पश्चिम बंगाल में उपचुनाव की तिथि घोषणा करने की मांग की है।

आपको बता दें कि देश में स्वास्थ विभाग ने सितंबर-अक्टूबर में कोरोना के तीसरी लहर का अंदेशा जताया है, लेकिन इस बीच पश्चिम बंगाल में चुनाव होना कितना सही है, ये तो ममता बनर्जी ही जानेंगी। क्योंकि अगर अगले 3 महीने में आयोग बंगाल में उपचुनाव नहीं कराती हैं तो ममता को मुख्यमंत्री का कुर्सी छोड़ना पर सकता है। लेकिन ममता बनर्जी ने ये नहीं चाहेंगी की उन्हें सीएम की कुर्सी गंवानी पड़े।

बता दें कि राज्य में उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने दावा किया कि कोरोना की स्थिति अब पूरी तरह से कंट्रोल में है। ममता बनर्जी ने कहा कि, “पश्चिम बंगाल में कोविड-19 की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। लोगों को वोट डालने और विधानसभा के लिए चुने जाने का अधिकार है। चुनाव आयोग को उपचुनावों की घोषणा करनी चाहिए क्योंकि हमें लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों में कटौती नहीं करनी चाहिए।”

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को बीजेपी के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए विधानसभा उप-चुनाव का रास्ता खाली करते हुए राज्य की सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस नेता शोभन देव ने विधायक पद से इस्तीफा दे चुके हैं। वह भवानीपुर विधानसभा सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।

यह विधानसभा सीट मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पारंपरिक सीट रही है. लेकिन जब सीएम ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ नंदीग्राम सीट से लड़ने के लिए चली गई थीं तो यहां से शोभन देव को टीएमसी टिकट पर उतारा गया था।

26 अगस्त को सर्वदलीय बैठक में शामिल होगी टीएमसी

इसके साथ ही ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी 26 अगस्त को अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति पर विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग में भाग लेगी। बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर 26 अगस्त को संसद में विभिन्न दलों के नेताओं को अफगानिस्तान के घटनाक्रम से अवगत कराएंगे। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि ये बैठक सुबह 11 बजे संसद भवन एनेक्सी में होगी।

प्रह्लाद जोशी ने ट्वीट किया, ‘‘संसद में विभिन्न दलों के नेताओं को विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर द्वारा अफगानिस्तान की वर्तमान स्थिति के बारे में 26 अगस्त, पूर्वान्ह्र 11 बजे मुख्य समिति कक्ष, पीएचए, नई दिल्ली में जानकारी दी जाएगी। ईमेल के जरिए आमंत्रण भेजे जा रहे हैं। सभी संबंधित लोगों से उपस्थित होने का अनुरोध किया जाता है।’’

अगर हम ममता की बात करें तो, ममता बनर्जी अभी विधानसभा की सदस्य नहीं हैं। ममता ने चार मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थीं। उन्हें शपथ लेने के छह महीने के भीतर सदन का सदस्य बनना जरूरी है और यह संवैधानिक बाध्यता भी है। अगर किसी कारणवश राज्य में उपचुनाव नहीं हो पाता है तो उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पर सकती है।

आपको बता दें कि कोरोना महामारी की वजह से फिलहाल चुनावी प्रक्रिया स्थगित की गई है। चुनाव कब होंगे इस को लेकर फैसला चुनाव आयोग को करना है। अगर चुनाव आयोग चार नवंबर तक चुनावी प्रक्रियाओं को खत्म करने का निर्णय नहीं लेता है तो ममता की कुर्सी पर भी खतरा हो सकता है। हालांकि सरकार ने चुनाव आयोग से रिक्त विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए आग्रह किया है।

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