भोपालः मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘सूर्य-मित्र कृषि फीडर’ योजना में चयनित विकासकों को विद्युत क्रय अनुबंध वितरित किए। इस मौके पर डॉ. यादव ने कहा कि इसके लिए बड़े बड़े लोगों के साथ भी हर व्यक्ति को मौका दिया गया है। 5 करोड़ के निवेश वालों का स्वागत किया है तो वहीं 50 करोड़ वालों का भी स्वागत किया गया है। जिसके पास जितनी क्षमता योग्यता है, सबके लिए अवसर है। इसीलिए किसान कल्याण वर्ष होने के नाते किसानों को दिन में बिजली मिलनी चाहिए और सस्ती बिजली मिलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ग्रीन एनर्जी का जमाना है और इसी के तहत सब मिलने वाला है। अब जरूरत नहीं है कि कोयला जलाकर बिजली बनाओ। ऐसे में हमने जो योजना बनाई है इससे राज्य को काफी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 4000 मेगावाट के बलबूते पर 1200 करोड़ रुपए साल का मध्यप्रदेश को बचेगा वहीं मध्यप्रदेश के लोगों को भी व्यवसाय में कमाने का रास्ता मिले और ग्रीन एनर्जी का जो कंसेप्ट है उसकी पूर्ति भी हो। इसके माध्यम से लंबी लाइन बनाने की जरूरत नहीं है, जहां बिजली की जरूरत हो वहीं प्वाइंट लग सकता है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जब हम कृषि कल्याण वर्ष को घोषणा कर रहे हैं तो इस लिहाज से 4 हजार मेगावाट की यह योजना हर तरह से अच्छी योजना है। सीएम ने कहा कि इस योजना से 8 लाख हमारे कृषि फार्म जहां बिजली की उपलब्धता दी जाएगी। देश के अंदर मध्य प्रदेश सबसे सस्ती बिजली खरीदने वाल राज्य शामिल हुआ है।