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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस को लिया आड़े हाथ, बोले- 55 साल क्यों चुप रही कांग्रेस?

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By: Naredra 
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस को लिया आड़े हाथ, बोले- 55 साल क्यों चुप रही कांग्रेस?

भोपालः मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तीखे तेवर में नजर आए। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि कांग्रेस को महिला आरक्षण का विरोध करने की बजाय माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि 1972 में संविधान संशोधन के जरिए कांग्रेस ने ही महिला आरक्षण को रोकने का काम किया था।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस से पूछे कई गंभीर सवाल

पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस गिरगिट की तरह रंग बदलती है, जब सत्ता में होती है तब भी परिसीमन का विरोध करती है और विपक्ष में रहकर भी वही कर रही है। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए कई गंभीर सवाल पूछे। सीएम ने सीधे तौर पर कहा कि आज जो कांग्रेस महिला हित की बात कर रही है, उसने 55 सालों तक सत्ता में रहते हुए महिलाओं को उनके हक से महरूम रखा।

33 फीसदी आरक्षण को लेकर बुलाया था विशेष सत्र

महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण को लेकर मप्र विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया था, जिसमे सरकार ने महिलाओं को आरक्षण देने की बात कही लेकिन विपक्ष ने असहमति जताते हुए सदन से वॉक आउट किया।विपक्ष का कहना था कि परिसीमन के आधार पर महिला आरक्षण किया जाए।भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और राज्य की नई परिभाषा पेश की। उन्होंने कहा कि अब “एमपी” का मतलब सिर्फ मध्य प्रदेश नहीं, बल्कि “महिला सशक्तिकरण प्रदेश” है। सदन में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाए और महिलाओं के अधिकारों को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

कांग्रेस ने लोकतंत्र को कमजोर किया

सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने संविधान संशोधन कर लोकतंत्र को कमजोर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता और विपक्ष—दोनों ही भूमिकाओं में रहते हुए परिसीमन का विरोध करती रही है और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण से वंचित रखा। “कांग्रेस जितनी जल्दी रंग बदलती है, गिरगिट भी शर्मा जाए। 80 साल से बहनों के अधिकारों पर डाका डालने का काम कांग्रेस ने किया है।”

कांग्रेस पर तुष्टिकरण और विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर समय पर फैसले लिए जाते तो विधानसभा की सीटें बढ़तीं और अनुसूचित जाति-जनजाति की महिलाओं को भी आरक्षण का लाभ मिलता। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण और विभाजनकारी राजनीति करने का भी आरोप लगाया। महिला सशक्तिकरण पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने जो कहा, वो करके दिखाया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपये दिए जा रहे हैं। साथ ही, प्रदेश के 48 प्रतिशत स्टार्टअप में महिलाओं की भागीदारी है।

हमारी सरकार में महिलाए  हर क्षेत्र में आगे बढ़ी

“एमपी का मतलब अब महिला सशक्तिकरण प्रदेश है। हमारी सरकार में महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा रहा है।” मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने तीन तलाक खत्म करने, सख्त कानून बनाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के प्रयासों को ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 55 जिलों में महिला कलेक्टर काम कर रही हैं और कई प्रमुख पदों पर महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही सरकारी नौकरियों में भी आरक्षण लागू किया गया है। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में महिला सशक्तिकरण को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला और आगामी राजनीति के संकेत भी दिए।

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