लखनऊ : दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी छठ पूजा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। और छठ पूजा के दिन 10 नवंबर को अवकाश घोषित किया है। सीएम योगी ने कहा कि जिन जिलों में छठ का पर्व बड़े स्तर पर मनाया जाता है, उन जिलों में जिलाधिकारी छठ पर स्थानीय स्तर पर अवकाश घोषित कर सकते हैं। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ने ये निर्देश वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए अधिकारियों के साथ बैठक में दिए।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई जिलों में कार्तिक मास में बड़े मेले आयोजित किए जाते हैं, इसपर भी जिलाधिकारियों द्वारा स्थानीय स्तर पर अवकाश घोषित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, लखनऊ आदि शहरों में छठ पर्व पर नदियों, तालाबों आदि के तटों पर साफ-सफाई तथा सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि वाराणसी में कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। काशी के महत्व को देखते हुए देव दीपावली पर विशेष सतर्कता बरती जाए। साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश की व्यवस्था के साथ-साथ मेलों में कोरोना संक्रमण के सम्बन्ध में जागरूकता की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि पर्वों और मेलों को देखते हुए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक तथा मण्डल स्तर पर मण्डलायुक्त एवं आईजी रेंज अथवा डीआईजी रेंज द्वारा नियमित समीक्षा की जाए।
इस मौके पर उन्होंने अभी से रैन बसेरों की व्यवस्था किए जाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रैन बसेरों की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। स्थानीय नगर निकाय के साथ मिलकर पुलिस यह सुनिश्चित करे कि कोई भी गरीब व निराश्रित व्यक्ति फुटपाथ, चौराहे, किसी प्रतिमा के नीचे अथवा अन्य किसी खुले स्थान में रात गुजारने को मजबूर न हो। पुलिस लगातार गश्त करे और ऐसे लोगों को तत्काल रैन बसेरों में स्थान दिलाया जाए।
वहीं डीजीपी मुकुल गोयल ने भी छठ पर्व से संबंधित आयोजन स्थलों पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थलों पर महिला पुलिस कर्मियों की सादे वस्त्रों में भी ड्यूटी लगाई जाए। डीजीपी ने कहा कि उचित पुलिस प्रबंध, यातायात और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था की जाए। डीजीपी ने नदियों और तालाबों पर उचित प्रकाश व्यवस्था एवं गोताखोरों की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं।