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जनगणना 2026: अब पूरी तरह डिजिटल, ‘स्व-गणना’ के जरिए नागरिक खुद बनेंगे राष्ट्र निर्माण का हिस्सा

इस बार की जनगणना में सबसे महत्वपूर्ण नया विकल्प ‘स्व-गणना' (Self-Enumeration) जोड़ा गया है। इस विषय पर वरिष्ठ अध्यापक और जनगणना कार्य हेतु नियुक्त फील्ड ट्रेनर गोपाल बारी ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है।

By: Naredra 
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जनगणना 2026: अब पूरी तरह डिजिटल, ‘स्व-गणना’ के जरिए नागरिक खुद बनेंगे राष्ट्र निर्माण का हिस्सा

बुरहानपुरः आगामी जनगणना प्रक्रिया में इस बार एक क्रांतिकारी बदलाव किया गया है। अब जनगणना का कार्य पूरी तरह से ‘पेपरलेस’ (कागज रहित) और डिजिटल मोड में संपन्न होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कम समय में डेटा का तीव्र और सटीक संकलन करना है, ताकि भविष्य की सरकारी नीतियां अधिक प्रभावी ढंग से बन सकें।

इस बार की जनगणना में सबसे महत्वपूर्ण नया विकल्प ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) जोड़ा गया है। इस विषय पर वरिष्ठ अध्यापक और जनगणना कार्य हेतु नियुक्त फील्ड ट्रेनर गोपाल बारी ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। फील्ड ट्रेनर गोपाल बारी ने स्पष्ट किया कि स्व-गणना अनिवार्य नहीं है। यह एक पूर्णतः स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जो विशेष रूप से उन शिक्षित परिवारों के लिए है जो स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने में सक्षम हैं।

यदि कोई व्यक्ति अपनी स्व-गणना पूरी कर लेता है, तो उसे एक विशिष्ट आईडी (AC ID) मिलेगी। प्रगणक के घर आने पर यह आईडी दिखाने से गणना प्रक्रिया बेहद सरल हो जाएगी। बारी ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि यदि कोई व्यक्ति अपनी स्व-गणना आईडी भूल जाता है, तो भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा पुनः गणना की पूरी सुविधा दी गई है।

त्रुटि सुधार के संबंध में गोपाल बारी ने बताया कि प्रगणकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे स्व-गणना डेटा को भी सावधानीपूर्वक क्रॉस-चेक करें। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य एक पारदर्शी और सुव्यवस्थित जनगणना सुनिश्चित करना है, जिसमें नागरिकों की सुविधा और डेटा की शुद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

फील्ड ट्रेनर वीरेंद्र पवार ने बुरहानपुर में बताया कि 16 से 30 अप्रैल के बीच नागरिक पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे (सड़कों, जल प्रदाय) जैसी जनहितकारी योजनाओं के सटीक आवंटन में आधार स्तंभ बनेंगे।

खकनार तहसील में जनगणना की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। तहसीलदार रविंद्र सिंह मंडलोई ने जानकारी दी कि खकनार के उत्कृष्ट विद्यालय में 264 कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। प्रत्येक प्रगणक को लगभग 200 से 300 मकानों की जिम्मेदारी दी गई है। यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी प्रगणक पर 900 से अधिक जनसंख्या का भार न हो, ताकि शत-प्रतिशत डेटा कवरेज सुनिश्चित हो सके।

प्रशासन ने जनता से अनुरोध किया है कि जनगणना के 34 महत्वपूर्ण प्रश्नों का सही-सही उत्तर दें। पोर्टल पर दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित है। नागरिकों का यह सहयोग ही राष्ट्र निर्माण और भविष्य की सटीक नीतियों के निर्माण की वास्तविक आधारशिला है।

बुरहानपुर से संवाददाता महेन्द्र मालवीय की रिपोर्ट

 

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