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उप चुनाव में बड़ी जीत के बाद अब पंचायत फतह पर भाजपा का जोर

By RNI Hindi Desk 
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सात विधानसभा सीटों में से छह पर विजय पाने के बाद भाजपा पंचायत चुनाव की तैयारी बहुत उत्साह के साथ कर रही है। सपा के कब्जे वाली मल्हनी सीट भाजपा कभी नहीं जीत पाई और सिर्फ इसी सीट पर उपचुनाव में भाजपा को हार मिली है।

अपनी छह सीटें बचाने में भाजपा कामयाब रही। इसके बाद अब भाजपा गांव में गहरी पैठ बनाने में जुट गई है। प्रदेश में हुए पंचायत चुनाव के लिए पार्टी रणनीति बना रही है और दिवाली के बाद इसको जमीनी स्तर में उतारा जाएगा।

यूपी में पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों को पार्टी समर्थन देते हैं। प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तरह प्रदेश में पंचायत स्तर पर सिंबल पर पार्टी नहीं लड़ती है। पार्टी समर्थित प्रत्याशी पंचायत चुनाव में लड़ते हैं। केरल और पश्चिम बंगाल में पंचायत स्तर पर भी सिंबल पर दल चुनाव लड़ते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसी व्यवस्था नहीं है।

जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में भाजपा ने इसी तरह प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। पंचायत चुनाव में भी पार्टी यही करने जा रही है। भाजपा ने पंचायत चुनाव के लिए इस बार पार्टी नेता विजय बहादुर पाठक को प्रभारी बना दिया है।

यूपी में पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों को पार्टी समर्थन देते हैं। प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तरह प्रदेश में पंचायत स्तर पर सिंबल पर पार्टी नहीं लड़ती है। पार्टी समर्थित प्रत्याशी पंचायत चुनाव में लड़ते हैं। केरल और पश्चिम बंगाल में पंचायत स्तर पर भी सिंबल पर दल चुनाव लड़ते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसी व्यवस्था नहीं है।

जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में भाजपा ने इसी तरह प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। पंचायत चुनाव में भी पार्टी यही करने जा रही है। भाजपा ने पंचायत चुनाव के लिए इस बार पार्टी नेता विजय बहादुर पाठक को प्रभारी बना दिया है।

पंचायत चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए पार्टी वृहत पैमाने पर जोर-शोर से जुटी है। प्रखंड स्तर पर पार्टी के प्रभारी नेता स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। इस बारे में प्रभारी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि पार्टी हर चुनाव में मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है।

12 नवंबर तक वोटर्स लिस्ट में संशोधन का काम चल रहा था। अब परिसीमन का काम होगा। पार्टी परिसीमन पर भी नजर बनाए हुए है। पार्टी दिवाली के बाद चुनाव की तैयारी में तेजी लाएगी।

प्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीखें अभी तय नहीं हैं। बताया जा रहा है कि अगले साल अप्रैल या मई में पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं।

प्रदेश में कुछ ग्राम पंचायतों को नगर निगम व नगर पंचायतों में शामिल किया गया है जिसके बाद नए सिरे से जिला पंचायत और ग्राम पंचायत के परिसीमन के काम में शासन जुटा है।

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