रिपोर्ट – माया सिंह
रायपुर : छत्तीसगढ़ में कोरोना के प्रकोप ने एक बार फिर प्रचंड धारण कर लिया है । संक्रमण का ताजा लहर हर किसी को अपने चपेट में ले रहा है और हर रिकॉर्ड तोड़ रहा है । इसके बावजूद लोग बेखौफ घूमते नजर आ रहे है , जो कि चिंताजनक बात है । इसी बीच छत्तीसगढ़ के एक मॉर्चुरी की वीडियो सामने आया है , जिसपर राजनीतिक जंग छिड़ गया है ।

दरअसल , किसी ने मॉर्चुरी के बाहर शवों की लाइन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया है , जिसे महाराष्ट्र के बीजेपी नेता ने शेयर कर राहुल गांधी को निशाने पर लिया है । बीजेपी नेता प्रेम शुक्ल ने वीडियो को अपने ट्वीटर एकाउंट के जरिय पोस्ट करते हुये कैप्शन में लिखा है कि – यह छत्तीसगढ़ के आंबेडकर अस्पताल का दृश्य है , जहां शव रखने की भी जगह नहीं, अंतिम संस्कार के लिए अपनी पारी पारी की प्रतीक्षा करते शव ! श्रीमान राहुल गांधी थोड़ी भी शर्म बची हो तो इस पर भी कुछ बोलो !
यह #छत्तीसगढ़ के #आंबेडकर अस्पताल का दृश्य है। जहां शव रखने की भी जगह नहीं, अंतिम संस्कार के लिए अपनी पारी की प्रतीक्षा करते शव ! श्रीमान @RahulGandhi थोड़ी भी शर्म बची हो तो इस पर भी कुछ बोलो ! pic.twitter.com/t12d9zz32E
— Prem Shukla -प्रेम शुक्ल (@PremShuklaBJP) April 12, 2021
छत्तीसगढ़ में कोरोना के बढ़ते आंकडे दिन-प्रतिदिन डरावने होते जा रहे हैं । अब रोजाना हजारो नये मामले सामने आ रहे हैं । वहीं 12 अप्रैल को रिकॉर्ड तोड़ 13 हजार से अधिक कोरोना मरीज मिले हैं । इनमें से 105 मरीजों की मौत हो गई । बताया जा रहा है कि रायपुर के अम्बेडकर हॉस्पिटल की मॉर्चुरी में लोगों के शवों की लाईन लगी रहती है , जिससे लोग काफी भयभीत हैं ।
राजधानी रायपुर में मौतों की अंदाज आप इसी से लगा सकते हैं कि मॉर्चुरी में अब लाशें रखने की जगह नहीं बची हैं । मार्चुरी के बाहर लाशें पड़ी हुई दिख रहीं हैं । यहीं नहीं श्मशान घाट पर भी अंतिम संस्कार के लिये एक से दो दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है ।
गौरतलब है कि रायपुर में 18 मुक्तिधाम हैं । यहां रोजाना 60 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है लेकिन मृतकों की तेज गति से बढ़ते संख्या को देखते हुये 11 मुक्तिधामों को कोरोना संक्रमित शवों के दाह संस्कार के लिये आरक्षित कर दिया गया है । जबकि बाकी 7 मुक्तिधाम पर नॉन कोविड वाले शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है ।
इस बारे में सीएमएचओ मीरा बघेल ने सफाई देते हुये कहा है कि मॉर्चुरी तो सामान्य साइज की ही बनी हुई है । अचानक मौत की आंकड़ा बढ़ने से जगह की कमी पड़ गई है । मॉर्चुरी में 6 -6 महिने पुरानी लाशें भी पड़ी हुई है , जिन्हें कोई लेने आया ही नहीं । 10 की क्षमता वाले मॉर्चुरी में 50-60 लाशें आ जाये तो जगह की कमी तो पड़ेगी ही ।