रिपोर्ट: सत्यम दुबे
लखनऊ: बीजेपी से जुड़े सूत्रों के अनुसार पार्टी आलाकमान ने योगी मंत्रिमंडल विस्तार को हरी झंड़ी दे दी है। विधानसभा चुनाव से पहले योगी कैबिनेट में नये चेहरे देखने को मिल सकते हैं। सितंबर के पहले सप्ताह में कैबिनेट विस्तार हो सकता है। इसमें जातीय व क्षेत्रीय समीकरण साधने पर फोकस करेगी। कैबिनेट विस्तार में लगभग 6 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है, जबकि किसी मंत्री की कुर्सी जाती हुई नहीं दिख रही है।
योगी मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय समीकरण को प्राथमिकता दी जायेगी। ब्राह्मण, निषाद व गुर्जर समाज के साथ गोंड, जाट और पटेल समाज का भी ध्यान रखा जा सकता है। कांग्रेस से भाजपा में आने वाले जितिन प्रसाद के साथ निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद को योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है।
आपको बता दें कि योगी मंत्रिमंडल में शामिल होने की लिस्ट में मेरठ से सोमेन्द्र, फतेहपुर से कृष्णा पासवान, दादरी से तेजपाल गुर्जर, निषाद पार्टी से संजय निषाद, रामचंद्र विश्वकर्मा, मंजू सिवाच और अपना दल से आशीष पटेल, संगीता बलवंत बिंद, एमपी सेंथवार, संजय गोंड, राहुल कौल, सहेन्द्र रमाला जैसे संभावित नाम शामिल हैं।
19 मार्च 2017 को योगी सरकार के गठन के बाद 22 अगस्त 2019 को योगी मंत्रिमंडल का पहला विस्तार किया गया था। उस दौरान मंत्रिमंडल में 56 सदस्य थे। कोरोना महामारी के कारण 3 मंत्रियों का निधन हो चुका है। आपको बता दें कि पहले मंत्रिमंडल विस्तार में छह स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों को कैबिनेट की शपथ दिलाई गई थी, इसमें तीन नए चेहरे भी थे।
इस वक्त योगी मंत्रिमंडल में सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर 23 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 22 राज्यमंत्री हैं। इस तरह कुल मंत्रियों की संख्या 54 है। कैबिनेट में अब भी 6 मंत्रियों को शामिल करने की गुंजाइश बाकी है।