रिपोर्ट: सत्यम दुबे
लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, राजनीतिक पार्टियां वैसे-वैसे अपनी कमर कस रही हैं। मायावती और अखिलेश यादव विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लग गये हैं। इसके साथ ही दोनो ही नेताओं की निगाहें ब्राह्मण मतदाताओं पर टिक गई हैं। इन सब के बीच बताया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी भी इस विधानसभा चुनाव में 30 से 35 फीसदी मौजूदा विधायकों का टिकट काट सकती है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो, भाजपा आंतरिक सर्वे के आधार पर आंकलन करेगी। इसके बाद ही टिकटों पर मुहर लगेगी।इस बार टिकट का आधार क्षेत्र में किए काम और जनता में लोकप्रियता के आधार पर तय किए जाएंगे। भाजपा आलाकमान ये सर्वे कराएगा। अंतरिक सर्वे के आधार पर ही नए चेहरों को भी मौका मिलेगा।
आपको बता दें कि कयास लगाया जा रहा है कि इस बार कुछ मंत्रियों के टिकट भी कट सकते हैं। इस बार अच्छे काम पर ही विधायकों और मंत्रियों के टिकट बरकरार रहेंगे। औसत से कम फीडबैक पर टिकट कट जाएगा।
403 विधानसभा सीटों में भाजपा ने इस बार 300 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करने का लक्ष्य रखा है। माना जा रहा है कि इस लक्ष्य को पाने के लिए पार्टी सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई दिग्गज नेताओं को चुनाव लड़ा सकती है। सबसे ज्यादा चर्चा में सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव मौर्य, दिनेश शर्मा और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और महेंद्र सिंह के नाम हैं।
पार्टी के विचार विमर्श के बाद सूत्रों की मानें तो सीएम योगी अयोध्या सीट से 2022 का चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कौशांबी की सिराथू और डॉक्टर दिनेश शर्मा को लखनऊ पश्चिमी सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है। इसी तरह कैबिनेट मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह को भी प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से मैदान में उतारा जा सकता है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को बुंदेलखंड में किसी सीट से चुनावी मैदान में उतारा जा सकता हैय़।
सीएम योगी अभी विधान परिषद सदस्य हैं। इनका कार्यकाल भी ज्यादा दिन नहीं है। सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ ही दोनों डिप्टी सीएम और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह का कार्यकाल भी सितम्बर 2022 तक ही है।