रिपोर्ट: नंदनी तोदी
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में जहां एक तरफ कुम्भ का उत्सव जोरो शोरो से मनाया जा रहा है, वही दुसरी तरफ कुंभ के दूसरे शाही सनान के पूर्व श्रीपंचदशनाम जूना अखाडा ने ज्येतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती से संबंध एक बडी घोषणा की है।
दरअसल, बीते दिन जूना अखाडा के कार्यकारिणी की एक बैठक हुई, जिसमे शाही स्नान को लेकर बीतचीत हुई, जहां सभी को उनकी जिम्मेदारियां दी गई। तभी कहा गया कि जगद्गुरु शंकराचार्य की पेशवाई जब छावनी पहुंची तो उन्होंने पदाधिकार्यो के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की और कई आरोप भी लगाए।

इस मुद्दे के बाद सबकी सम्मति से अखाडा ने ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती को विच्छेद करने का फैसला लिया है। यूँ तो सभी कुम्भ पर्वो में शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती अखाड़ों के साथ स्नान करते थे, लेकिन इस बार उम्मीद है कि ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य जूना अखाडा के साथ शाही स्नान नहीं करेंगे।
ये निर्णय अखाडे के अंतर्राष्ट्रीय सभापति प्रेमगिरि महाराज ने मीडियाकर्मियों को दी है। आपको बता दें, शाही स्नान से पहले जूना अखाड़े ने एक बड़ा फैसला लिया है। विवादित टिप्पणी के आरोप में शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती को अखाड़े से बाहर दिया गया है। अभी तक कुंभ में स्वामी वासुदेवानंद जूना अखाड़े के साथ ही स्नान करते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।