लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन के बाद डीप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बड़ा ऐलान किया है, जिससे अब कल्याण सिंह का नाम सदा सदा के लिए इतिहास के पन्नों में अंकित हो गया। दरअसल राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने ऐलान किया है कि अयोध्या में राम मंदिर की तरफ जाने वाली सड़क का नाम कल्याण सिंह के नाम पर होगा।
इसके अलावा अयोध्या के साथ ही लखनऊ, प्रयागराज, बुलंदशहर और अलीगढ़ में एक-एक सड़क का नाम भी कल्याण सिंह के नाम पर होगा। आपको बता दें कि डिप्टी सीएम के इस ऐलान के बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जल्द प्रस्ताव पेश करने के निर्देश दिए गए है।

केशव मौर्य ने कल्याण सिंह को राम भक्त बताते हुए ट्वीट किया कि, ‘राम भक्त स्वर्गीय कल्याण सिंह जी बाबू जी के नाम लोक निर्माण विभाग अयोध्या, अलीगढ़, एटा, बुलंदशहर, प्रयागराज में एक-एक मार्ग होगा। केशव मौर्य ने आगे लिखा, ‘बाबू जी ने राम मंदिर के लिए सत्ता छोड़ दी लेकिन कारसेवकों पर गोली नहीं चलाई। अधिकारियों को जल्द प्रस्ताव पेश करने के निर्देश।’
गौरतलब है कि राम मंदिर आंदोलन (Ram Mandir Movement) में कल्याण सिंह का बलिदान किसी से छिपा नहीं है। मंदिर आंदोलन में उनके योगदान को देखते हुए सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है। राम मंदिर के लिए उन्होंने सीएम की कुर्सी तक छोड़ दी थी। अब उनके इस बलिदान के लिए सरकार ने उन्हें खास सम्मान दिया है। यूपी में 5 जिलों की सड़कों का नाम अब उनके नाम पर रखा (Road Name) जाएगा। यूपी की कई सड़कें अब कल्याण सिंह मार्ग के नाम से जानी जाएंगी।
राम भक्त स्वर्गीय #kalyansinghji बाबू जी के नाम लोक निर्माण विभाग अयोध्या अलीगढ़,एटा,बुलंदशहर प्रयागराज में एक एक मार्ग के नाम होगा
बाबु जी ने राम मंदिर के लिए सत्ता छोड़ दी परंतु कारसेवकों पर गोली नहीं चलाई !!
अधिकारियों को जल्द प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश !!— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) August 23, 2021
बाबरी विध्वंस की जिम्मेदारी लेकर दिया था इस्तीफा
ये बात सभी जानते हैं कि 9 दिसंबर साल 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा गिरा दिया गया था। जिस वक्त कार सेवकों ने ढांचे को ध्वस्त किया था उस समय तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह अपने आवास पर मौजूद थे। उन्होंने बाबरी विध्वंस की जिम्मेदारी लेते हुए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। यह उनके जीवन की सबसे बड़ी घटना थी। इसके साथ ही राम भक्त कल्याण सिंह ने अधिकारियों को आदेश दिया था कि अयोध्या में कार सेवकों पर गोली न चलाई जाए।
बता दें कि कल्याण सिंह के इस्तीफे के समय तत्कालीन राज्यपाल सत्यनारायण रेड्डी भी असमंजस में थे कि उनसे इस्तीफा लिया जाए कि सरकार को ही बर्खास्त कर दिया जाए। जब तक इस मामले में कोई सलाह ली जाती कल्याण सिंह खुद राजभवन पहुंच गए और सीएम पद से इस्तीफा दे दिया।
हिंदुत्व की राजनीति का बड़ा चेहरा थे कल्याण सिंह
आपको बता दें कि सीएम की कुर्सी छोड़ते ही कल्याण सिंह हिंदुत्व की राजनीति का एक बड़ा चेहरा बनकर उभरे थे। खास बात ये थी कि जीवन भर उन्होंने बाबरी विध्वंस की घटना को लेकर कोई अफसोस नहीं जताया। उन्होंने एक इंटरव्यू में साफ-साफ कहा था कि इस घटना का उन्हें कोई अफसोस नहीं है। उन्होंने 6 दिसंबर 1992 को राष्ट्रीय गर्व का विषय बताया था।