1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. नए नियमों को न मानने पर ट्विटर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, हुआ खत्म इंटरमीडियरी का दर्जा, आप भी हो जायें सावधान

नए नियमों को न मानने पर ट्विटर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, हुआ खत्म इंटरमीडियरी का दर्जा, आप भी हो जायें सावधान

By RNI Hindi Desk 
Updated Date

रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: भारत सरकार फरवरी में इंटरनेट मीडिया के लिए नए नियम जारी किए गए थे। इलेक्ट्रानिक्स व आइटी मंत्रालय ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म को नये नियमों का पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया था। नये नियम का पालन करने के लिए सरकार ने 25 मई तक का समय दिया था। भारत सरकार के बार-बार चेतावनी देने के बाद भी ट्वीटर ने इंटरनेट मीडिया के नए नियमों का पालन नहीं किया। जिसके बाद सरकार अब ट्विटर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

आपको बता दें कि ट्वीटर का इंटरमीडियरी (मध्यस्थ) दर्जा खत्म हो गया है। सूत्रों की मानें तो सरकार ने पांच जून को आखिरी चेतावनी दी थी। उसके बाद भी ट्विटर ने नियमों का पालन कर नहीं बताया जिसके बाग कार्रवाई शुरू हो गई है। अब कंटेंट को लेकर किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर ट्विटर के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है।

मिली जानकारी के मुताबिक ट्विटर के साथ-साथ सिग्नल ऐप पर भी इसी तरीके की ही कार्रवाई हो रही है। इंटरमीडियरी दर्जा खत्म होने बाद ये दोनो प्लेटफार्म सामान्य मीडिया की श्रेणी में आ जाएंगे। इसके बाद विदेशी निवेश की सीमा आदि का बंधन भी शुरू होगा। ऐसे में अब ट्विटर को भारत में संचालन में अब मुश्किलें होने वाली हैं।

दरअसल, वाट्सअप, फेसबुक, गूगल और कू समेत कई कंपनियों ने नए नियमों का पालन शुरू कर दिया था लेकिन ट्विटर अपनी जिद पर अड़ा रहा। नए नियमों के तहत शिकायत निवारण के लिए भारत के अंदर ग्रीवांस आफिसर की नियुक्ति, आपत्तिजनक पोस्ट, जिनके कारण कानून व्यवस्था, महिलाओं की मर्यादा, देश की अखंडता आदि पर विपरीत प्रभाव पड़ता हो, उनमें नाम बताने जैसे प्रविधान किए गए हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि इंटरनेट मीडिया के नए नियम में ही यह प्रविधान है कि जो इंटरनेट मीडिया इन नियमों का पालन नहीं करेगा वह इंटरमीडियरी सुविधा खो देगा। ट्विटर के साथ यही हुआ है।

सरकार द्वारा ट्वीटर पर इस कार्रवाई के बाद अब ट्विटर के प्लेटफार्म पर चलने वाले किसी भी कंटेंट, वीडियो या किसी अन्य चीज को लेकर मुकदमा दर्ज होता है तो ट्विटर भी उसमें पार्टी बनेगा और भारतीय दंड संहिता के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। विशेषज्ञ कहते हैं कि सरकार के पास ट्विटर को ब्लाक तक करने का अधिकार है। सरकार चाहे तो ऐसा कर सकती है। वहीं इंटरमीडियरी की सुविधा खत्म होने से ट्विटर को इंटरनेट मीडिया पोर्टल के नियमों का पालन करना होगा जिसके तहत उसे कई बदलाव करने पड़ सकते हैं। निश्चित रूप से ट्विटर को संचालन में मुश्किलें आएंगी।

वहीं सूत्रों की मानें तो सरकार के इस नये नियम को मानने को लेकर ट्विटर द्वारा बार-बार टालमटोल की कोशिश की गई । 25 मई को समय खत्म होने के बाद दो जून को ट्विटर ने ई-मेल के माध्यम से बताया कि उसने वकील धर्मेंद्र चतुर को अंतरिम नोडल कांटैक्ट पर्सन और रेजिडेंट ग्रीवांस आफिसर नियुक्त किया है। लेकिन यह नियम के अनुकूल नहीं था सरकार ने जो नियम बनाया है उसके अनुसार ग्रीवांस आफिसर कंपनी का कर्मचारी होना चाहिए।

इसके बाद छह जून को ट्विटर ने बताया कि उसने नोडल कांटैक्ट पर्सन और रेजिडेंट ग्रीवांस आफिसर अनुबंध पर अंतरिम रूप में नियुक्त कर लिया है। बीते 13 जून को ट्विटर ने बताया कि तीनों अधिकारियों के लिए वैकेंसी निकाली गई है और जल्द ही वे नियुक्ति कर लेंगे। जिस तरह पूरे मामले को ट्विटर घसीट रहा है उसे केंद्र सरकार बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं है। लिहाजा उसका इंटरमीडियरी दर्जा 25 मई के बाद ही खत्म माना जाए। स्थायी समिति ने केंद्र द्वारा इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर को नोटिस जारी किए जाने के कुछ दिनों बाद कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसद की स्थायी समिति ने माइक्रो ब्लागिंग साइट के शीर्ष अधिकारियों को शुक्रवार (18 जून) को अपने समक्ष तलब किया है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...
RNI News Ads