Home विदेश 5 पोते-पोतियों के दादा की बॉडी देख शरमा जाएंगे भाई जान, बिना डायट के सिक्योरिटी गार्ड ने बनाई ऐसी बॉडी

5 पोते-पोतियों के दादा की बॉडी देख शरमा जाएंगे भाई जान, बिना डायट के सिक्योरिटी गार्ड ने बनाई ऐसी बॉडी

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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: आज के दौर में लोग अपनी सेहत पर खासा ध्यान दे रहे हैं, अपनी बॉडी तंदरुस्त रखने के साथ-साथ बॉडी बनने पर खासा ध्यान दे रहें हैं। इसके लिए रात एक्सरसाइज हो याफिर प्रॉपर डायट लेने से भी लोग पीछे नहीं हट रहें हैं। कई बार कुछ ऐसे लोग सामने आते हैं जो उन सभी को प्रेरणा दे जाते हैं जो अपनी बॉडी बनाने में पैसे खर्च करने में असमर्थ होते हैं।

इन दिनों सोशल मीडिया पर दमदार फिटनेस वाले एक दादाजी की तस्वीरें वायरल हो रही है जो पांच पोते-पोतियों के दादा हैं।  72 साल के ए. अरोकियास्वामी बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं के लिए भी एक मिसाल है! आइए जानते हैं उनकी फिटनेस और वर्कआउट, हेल्थी रहने के सीक्रेट्स के बारें में…

बढ़ती उम्र के साथ अक्सर शरीर भी बूढ़ा होने के साथ ही कमर, घुटनों और जोड़ों के दर्द से लोग कसरत के नाम पर जॉगिंग और योग तक सीमित रह जाते हैं। लेकिन ए. अरोकियास्वामी एक मलेशियाई बॉडी बिल्डर हैं, जो उम्र का 70वां पड़ाव पार करने के बाद भी एक चैम्पियन की तरह रोजाना कसरत करते हैं। इसको लेकर उन्होने कहा कि वर्कआउट, हेल्थी रहने और कोरोना वायरस से बचाव का एक अच्छा तरीका है।

आपको बता दें कि वो बॉडी बिल्डिंग के लिए इतने मशहूर हुए कि उन्होंने मिस्टर यूनिवर्स के कई एडिशन्स में मलेशिया का प्रतिनिधित्व किया है। साल 1981 में फिलीपींस के दक्षिण-पूर्व एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि वह 7 बच्चों के पिता और 5 बच्चों के दादा हैं। आज लोग उनकी फिटनेस और बॉडी देख दंग रह जाते हैं।

 

साल 1968 में उन्होने पहली सफलता हांसिल की थी। वो अपने गांव पेराक में एक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता और कई वर्षों तक मलेशिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में रहे। हालांकि, भले ही वो एक सफल एथलीट रहे। लेकिन तब भी उन्हें एक स्कूल में माली की नौकरी करनी पड़ी। फिलहाल, वो एक सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करते हैं।

उन्होने अपनी जीत के लिए बताया कि जीत के साथ-साथ उनको कुछ पछतावा भी हैं। इनमें से एक यही कि वह अपने हीरो अर्नोल्ड से अबतक नहीं मिल सके हैं। इसके साथ ही ना ही, पांच कोशिशों के बाद भी मिस्टर यूनिवर्स टूर्नामेंट के फाइनल राउंड में जगह बना पाए थे।

 

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