योग शरीर और मन को साधने की एक प्रक्रिया है। वेदों के छह अंगों में से एक है योग। मूलत: योग का वर्णन सर्वप्रथम वेदों में ही हुआ है लेकिन यह विद्या वेद के लिखे जाने से 15000 ईसा पूर्व के पहले से ही प्रचलन में थी, क्योंकि वेदों की वाचिक परंपरा हजारों वर्ष से चली आ रही थी। अत: वेद विद्या उतनी ही प्राचनी है जितना प्राचीन ज्योतिष या सिंधु सरस्वती सभ्यता है। वहीं योग महत्व तब समझ में आता है जब आप इस अपने जिवन में शामिल कर लेते हैं। बाब रामदेव से जानिए सुबह सुबह योग करने के फायदे।
योग करने से शरीर स्वास्थ्य रहता है, मन पर कंट्रोल रहता है। सुबह जल्दी उठने से कई फायदे तो हैं ही लेकिन अगर उठने के बाद योग को जिवन में शामिल कर लें तो बीमारियां आस पास भटकती तक नहीं है। स्वामी रामदेव की माने तो, सुबह योग करने से सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ता है साथ साथ याद रखने की भी झमता बढ़ जाती है।
स्वास्थ्य और आरोग्य के लिए सबसे अहम जरूर है दिनचर्या। सफल जीवन हमारे दिनचर्या पर ही निर्भर होता है और इसकी शुरूआत सुबह उठने से होती है। दिनचर्या के तीन सबसे महत्वपूर्ण हिस्सें हैं- आहार, निद्रा और ब्रह्मचर्य। इसी ब्रह्मचर्य के अंदर व्यायाम आता है, ब्रह्म का मतलब भगवान के साथ एकात्मता। छ घंटा सोना जरूरी है, इसके साथ सुबह चार से पांच बजे उठ जाए। इसके साथ ही आहार का भी समय होता है, आहार को समय पर ही लें।