हमारी संस्कृति में रोज़ सुबह सूर्योदय से पहले उठने का विधान है और उगते सूरज के समक्ष सूर्य नमस्कार, योग, प्राणायाम आदि करने का नियम है क्यूंकि सूर्य विटामिन डी का सबसे अच्छा सोर्स होता है लेकिन अगर योग के बाद शरीर की मालिश कर ली जाए और उसके बाद स्नान किया जाए तो सोने पर सुहागा हो जाएगा।
अक्सर हमारे घरों में दादी नानी रोज़ बच्चों की मालिश करती है लेकिन बड़े होने के बाद हम मालिश करना छोड़ देते है जिसके कई नुकसान है, आज इस आर्टिकल में हम आपको बताने वाले है कि कैसे मालिश आपके शरीर को चमकदार बना सकती है वही किस तेल से मालिश करनी चाहिए वो भी हम आपको बतायेंगे।
आयुर्वेद के ग्रंथो में रोज़ नहाने से पहले मालिश करने का विधान है, वही नहाने के बाद सिर में और कान में तेल लगाने का विधान है, इसके अलावा कहीं और तेल लगाने का विधान नहीं है वही व्यायाम करने के बाद ही नहाना उचित है।
मालिश करने से बुढ़ापे की निवृत्ति होती है, थकान दूर होती है और वात विकार का शमन होता है, दृष्टि अच्छी हो जाती है वही आयु की भी वृद्धि होती है। त्वचा चमकती है और शरीर मजबूत होता है। तेल की मालिश का एक सबसे बड़ा फायदा यह रहता है कि इससे शरीर में रक्त संचार मजबूत होता है और स्फूर्ति आती है।
मालिश से त्वचा में आई खुश्की और झुर्रियां दूर होती हैं, इससे शरीर की नस-नाड़ियों को ताकत मिलती है और मांसपेशियों की कमजोरी दूर होती है, वही इसके अलावा गठिया, हड्डियों का टेड़ा-मेढ़ा होना, सिरदर्द, दिमाग की कमजोर आदि दूर हो जाते है।
अगर तेल के प्रकार की बात की जाए तो मुख्यत: दो प्रकार के तेल का इस्तेमाल होता है जिसमें सरसों और तिल का तेल प्रमुख है, सरसों मुख्यत: उत्तर भारत वही तिल दक्षिण भारत में अधिक इस्तेमाल किया जाता है।
सरसों के तेल में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण पाए जाते है जिसके कारण खाने के साथ साथ इसका प्रयोग नहाने से पहले मालिश में भी किया जाता है। सरसों के तेल की मालिश का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब आप धुप में बैठकर मालिश करते है तो रोम के छिद्र पूर्णतया खुल जाते है जिसके कारण विटामिन डी आपके शरीर में समा जाते हैं।
सरसों के तेल से मालिश करते वक्त शरीर के पसीना लाने वाले ग्लैंड्स बहुत तेजी से काम करने लग जाते है जिसके कारण पसीने के साथ हानिकारक विषैले तत्व बाहर निकल जाते है। इसके अलावा इसकी मालिश का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसकी तासीर गर्म है जिसके कारण सर्दियों में अगर आप इस तेल की मालिश करने के बाद नहाते है तो यह जबरदस्त ऊर्जा और ताक़त देता है।
अगर तिल के तेल की बात करे तो इसके औषधीय गुण भी किसी से कम नहीं है, तिल के तेल में विटामिन ई, बी कॉम्प्लेक्स, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होते है। एंटी- ऑक्सिडेंट तत्व भी होते है जो त्वचा को सॉफ्ट रखते हैं।
आयुर्वेद कहता है कि तिल के तेल से मालिश करने से वात रोगों में राहत मिलती है, इसके अलावा अल्ट्रावायलेट किरणों से रक्षा भी यह तेल करता है। तिल के तेल में विषैले तत्वों को दूर करने की भी शक्ति होती हैं।
अक्सर कई लोगों को यह शिकायत रहती है कि उनके बाल पूरी पूरी तरह से बढ़ने से पहले ही झड़ने लग जाते है, ऐसे में अगर तिल के तेल की मालिश की जाए तो यह समस्या खत्म हो जाती है।
इसके अलावा जिन लोगों को गठिया की समस्या है, उनके लिए तिल के तेल की मालिश बेहद ही लाभकारी है। दरअसल, तिल के तेल में जिंक व कॉपर पाया जाता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मददगार होता है।
तो आज हमने इस लेख में जाना तेल मालिश के फायदों के बारे में , अगले लेख में हम बात करेंगे आपकी सेहत से जुड़ी एक और नयी जानकारी के साथ।