कोरोना वायरस के संक्रमित लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। क्वारंटीन के 14 दिन पूरे हो जाने के बाद भी क्वारंटीन की अवधि बढ़ा देने से मजदूर भड़क उठे। उनका कहना था कि उन्हें स्वस्थ होने का प्रमाणपत्र जारी कर दिए जाने के बाद क्यों रोका जा रहा है?
बता दें कि, तेरहीमाफी गांव स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। यहां 331 मजदूर रखे गए हैं। इनके 14 दिन की क्वारंटीन अवधि 11 अप्रैल को पूरी हो गई। शनिवार को पीएचसी की टीम ने इनका स्वास्थ्य परीक्षण करके सभी को स्वस्थ पाया। वहां मौजूद एसडीएम सुरजीत सिंह, नायब तहसीलदार राजकुमार भदौरिया ने भरोसा दिलाया कि रविवार (12 अप्रैल) को सभी मजदूरों को बसों से उनके घर भेज दिया जाएगा, लेकिन रविवार को एसडीएम ने आकर कहा कि लॉकडाउन तक मजदूरों को यहीं रहना होगा।