बांदा: कोरोना मरीजों को डिस्चार्ज करने की पॉलिसी में प्रदेश सरकार ने कुछ बदलाव किया है। प्रदेश के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने इस बाबत शासनादेश जारी किया है।
इन रोगियों का फालोअप रोगी के लक्षण विहीन होने के तीन दिन बाद अथवा प्रथम सैंपल लिए जाने के 12 दिन बाद लिया जाएगा। फालोअप सैंपल निगेटिव आने पर रोगी को साल दिन घर पर आइसोलेशन की सलाह के साथ डिस्चार्ज किया जाएगा। सभी श्रेणी के रोगियों को डिस्चार्ज किए जाने के पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि रोगी में किसी प्रकार के लक्षण नहीं दिख रहे हों। डिस्चार्ज किए जाने से पूर्व तीन दिनों तक रोगी को लगातार बुखार नहीं है। आक्सीजन सेचुरेशन बिना किसी सपोर्ट 94 प्रतिशत से ऊपर है। डिस्चार्ज किए जाने से पूर्व सैंपल निगेटिव होना आवश्यक है।
मरीज के कपड़े, फोन और जूते भी होंगे सैनिटाइज
भर्ती रहने के दौरान कोरोना मरीज के पहने गए कपड़ों को भलीभांति विसंक्रमित किया जाएगा। डिस्चार्ज किए जाते समय मरीज के मोबाइल, फोन, जूते, चप्पल तथा अन्य सभी सामग्री का भी संक्रमण अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर या हाइड्रोजन पाराक्साइड द्वारा सुनिश्चित किया जाए।