कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर बढ़ते हमलों देखते हुए गुरूवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महामारी रोग (संशोधन) अधिनियम 2020 को लोगू करने की मंजूरी दे दी है।
जिसके बाद अब स्वाथ्यकर्मियों पर हमला करने वालों को कठोर सजा दी जा सकेगी। अब यह गैर-जमानती अपराध बन गया है। महामारी रोग अधिनियम, 1897 में संशोधन करने वाले इस अध्यादेश में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने उन्हें चोट पहुंचाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए मुआवजे की व्यवस्था भी की गई है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इससे पहले बुधवार को इस अध्यादेश को मंजूरी दी थी। जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को संज्ञेय और गैर जमानती अपराध बनाया गया है। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों के घायल होने, सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने पर मुआवजे का प्रावधान भी किया गया था।