भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती के अवसर पर इंदौर में आयोजित ‘शून्य से शतक’ स्मरणोत्सव कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि स्व. अटलजी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार, एक मिशन और एक युग थे।
उनके आदर्श, कर्म और सुशासन की दृष्टि आने वाली पीढ़ियों के लिए पथ-प्रदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, दिल्ली मेट्रो, नए राज्यों का गठन और पोखरण परमाणु परीक्षण जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखी।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन एक ऐसे ग्रंथ के समान था, जिसका हर पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म का संदेश देता है। वे केवल राजनेता नहीं, बल्कि कवि, चिंतक, संवेदनशील और दूरदर्शी राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने कहा कि अटलजी का विराट व्यक्तित्व और उच्च आदर्श आज भी सार्वजनिक जीवन के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके नेतृत्व में गठबंधन राजनीति के दौर में भी संवाद, समन्वय और मर्यादा के उच्च मानक स्थापित हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्व. अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के युगपुरुष थे। वे राष्ट्रनीति के शिखर पुरुष, राजनीति के अजातशत्रु और भारतीय लोकतंत्र की मर्यादा के प्रतीक रहे। उन्होंने कहा कि अटलजी की विचार-दृढ़ता, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और राष्ट्रधर्म के प्रति समर्पण भारतीय राजनीति के लिए अनुकरणीय है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में दिया गया उनका ऐतिहासिक भाषण और परमाणु परीक्षण का साहसिक निर्णय भारत के स्वाभिमान के प्रतीक हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित इस गरिमामय समारोह में चार प्रतिष्ठित विभूतियों को ‘अटल अलंकरण’ से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में प्रसिद्ध कवि श्री सत्यनारायण सत्तन, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सत्यनारायण जटिया, भारतीय क्रिकेट टीम चयन समिति के पूर्व चयनकर्ता श्री संजय जगदाले तथा श्री पारंग शुक्ला (सागर) शामिल हैं। इस अवसर पर अटलजी के जीवन पर आधारित भावपूर्ण लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया तथा ‘सदा अटल महाग्रंथ’ के तृतीय संस्करण के कवर पेज और कैलेंडर का विमोचन भी किया गया।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की राष्ट्रनिर्माण की विरासत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं और देश को ‘विकसित भारत- 2047’ के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटलजी भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच न हों, लेकिन उनके विचार और मूल्य सदैव राष्ट्र को दिशा देते रहेंगे।
समारोह में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, सांसद शंकर लालवानी, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी और नागरिक उपस्थित रहे। यह आयोजन इंदौर में अटल फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, योगदान और राष्ट्रसेवा को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।