बड़वानी शहर में चल रहे लम्बे समय से सीवरेज कार्य के चलते शहर वासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आए दिन शहर में बड़े वाहनों के गड्ढे में फंसने की घटनाए सामने आ रही हैं। बता दें कि शहर में सीमेंटीकृत सड़क को खोदकर सीवरेज लाइन डालने के बाद मिट्टी से गड्ढे भर दिए गए। अव्यवस्थित सीवरेज कार्य के कारण शहर की जनता को निजात नहीं मिल पा रही है। जिसके चलते उन्हें धूल के गुब्बार व गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है, तो वहीं लोग दुर्घटनाओं के शिकार भी हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि नगर पालिका और सीवरेज कम्पनी का समन्वय नहीं बन पाने के चलते शहर की जनता को उसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा हैं। कई बार नगर पालिका की बैठक में नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने भी इस अव्यवस्थित और घटिया कार्य को लेकर आवाज उठाई, तो वहीं शहर की जनता भी इसकी शिकायत जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और मीडिया से कर चुकी है, फिर भी कोई सुनवाई नही हुई। सीवरेज कम्पनी के कर्मियों की मनमानी के चलते ना तो जिम्मेदार सुधार करवा पाए है और ना ही शहर की जनता को समस्या से निजात मिल पाई।
नगर पालिका और सीवरेज कंपनी की मनमानी के चलते लगातार हादसे हो रहे हैं। बीते रोज भूसे से भरी ट्रैक्टर ट्राली का टायर गड्ढे में फंस गया जिससे ट्राली पलट गई। जिससे यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ, अन्यथा जनहानि भी हो सकती थी। जिस जगह ट्रैक्टर ट्रॉली पलटी, वहीं पास चौराहे पर गणगौर माता की अगवानी के लिए टेंट लगा हुआ था। सड़क के दोनों ओर रहवासी मकान हैं, बच्चे भी खेल रहे थे।
दरअसल सीवरेज कंपनी द्वारा मार्ग पर जहां लाइन डालकर चैंबर बनाए गए हैं, लेकिन कंपनी द्वारा लापरवाही बरतते हुए खोदी गई सड़कों का समय पर सुधार कार्य नहीं किया जा रहा हैं। वहीं निर्माणधीन क्षेत्र में बैरीकैड लगे होने के बावजूद वाहन चालक अपनी मनमर्जी से वाहन निकालने से बाज नहीं आ रहे हैं। गत दिनों झामरिया मार्ग पर आयशर व ट्रॉले के पहिए गड्ढे में फंस गए थे। वहीं आए दिन बाइक सवार फिसल कर गिर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर बीते 15 दिन से काम चल रहा हैं। काम की गति काफी धीमी है। प्रतिदिन औसत तीन-चार घंटे काम होता नजर आता है। जबकि यह मार्ग शहर को पाटी, बावनगजा और रानीपुरा की ओर जोड़ता हैं। दिनभर बड़ी संख्या में वाहन यहां से गुजरते हैं। वहीं गणगौर माता के रथों की आवाजाही का यह मुख्य मार्ग हैं। रहवासियों ने प्रशासन से मांग की हैं कि जल्द मार्ग पर दुरस्ती या वैकल्पिक इंतजाम कर सुधार किया जाए। ताकि गणगौर माता को अगवानी में समस्या न झेलना पड़े।