रिपोर्ट: नंदनी तोदी
लखनऊ: सोशल मीडिया पर बीते कई दिनों से एक वीडियो ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं। ये वीडियो था अहमदाबाद की रहने वाली आयशा का, जिन्होंने साबरमती में कूदकर अपनी जान दे दी थी। अब इसी मुद्दे पर मुस्लिम धर्मगुरु ने एक अपील की है।
दरअसल, अहमदाबाद के वटावा इलाके में रहने वाली आयशा मकरानी ने 25 फ़रवरी को साबरमती में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। आत्महत्या करने से पहले उन्होंने एक वीडियो सन्देश दिया था जो काफी वायरल हुआ था। इतना ही नहीं उनकी मौत के बाद सोशल मीडिया पर जस्टिस फॉर आयशा भी ट्रेंड करने लगा।
इसी पर अब इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया के मौलाना खालिद रशीद महली ने एक पत्र लिख अपील की है कि जुमे की नमाज में सभी इमाम सभी को इस्लामी शरीयत के मुताबिक पति-पत्नी के अधिकार और कर्तव्य बताएं और समझाएं। उन्होंने आगे कहा है कि मुसलमान एक ऐसा समूह है जो दहेज के लेनदेन से परहेज करता है लेकिन कुछ मुसलमानों के समूह में अभी भी गैर इस्लामी गैर इंसानी रस्म, रिवाज कायम है।
उन्होंने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए लिखा,” इसके चलते बहुत सी लड़कियां निकाह के बाद भी अभागी रहती हैं और मुसलमान इस बात का वादा करे कि निकाह में दहेज नहीं मांगेंगे।”
आपको बता दें, इससे पहले दहेज़ के मामले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी कहा था कि,”आयशा का वीडियो देखा। दहेज के लालच को खत्म करना चाहिए। पत्नी पर जुल्म करना, उसे मारना, उससे पैसे मांगना मर्दानगी नहीं है।