राजस्थान के करौली में एक साधु को जिंदा जलाने का मामला सामने आने के बाद सियासी घमासान शुरू हो चुका है।
इस पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत की सरकार के तहत अपराधी मस्त है और जनता त्रस्त है।
उन्होंने कहा कि किसी पुजारी को इस तरह जिंदा जलाने की कोशिश बताता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमराई हुई है।
प्रदेश में हर तरह के अपराधों की घटनाएं बढ़ती जा रही है। सपोटरा में मंदिर के पुजारी को जिंदा जलाने की घटना यह दर्शाती है कि अपराधियों में कानून का भय समाप्त हो चुका है।
प्रदेश की जनता भयभीत है, डरी हुई है, सहमी हुई है, आखिर गहलोत जी आप कब तक अपराधियों के मसीहा बनकर रहोगे??— Satish Poonia (@DrSatishPoonia) October 9, 2020
पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा सपोटरा में मंदिर के पुजारी बाबूलाल जी को जिंदा जलाने की घटना निंदनीय है।
सपोटरा में मंदिर के पुजारी बाबूलाल जी को जिंदा जलाने की घटना निंदनीय है.ऐसी घटनाएं सभ्य समाज के लिए सही नहीं.जिले के पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त करवाई हो.मुख्य आरोपी पकड़ा जा चुका है, शेष आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं.
— Ramesh Meena (@rameshmeena63) October 9, 2020
ऐसी घटनाएं सभ्य समाज के लिए सही नहीं हैं। जिले के पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त करवाई हो। मुख्य आरोपी पकड़ा जा चुका है, शेष आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।
इन सब के बीच मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने ट्वीट किया, उन्होंने ट्वीट में कहा – ” सपोटरा, करौली में बाबूलाल वैष्णव जी की हत्या अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है,सभ्य समाज में ऐसे कृत्य का कोई स्थान नहीं है।
सपोटरा, करौली में बाबूलाल वैष्णव जी की हत्या अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है,सभ्य समाज में ऐसे कृत्य का कोई स्थान नहीं है।प्रदेश सरकार इस दुखद समय में शोकाकुल परिजनों के साथ है।
घटना के प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है एवं कार्रवाई जारी है।दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) October 9, 2020
प्रदेश सरकार इस दुखद समय में शोकाकुल परिजनों के साथ है। घटना के प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है एवं कार्रवाई जारी है।दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। ”
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल राजस्थान के करौली के सपोटरा थाना इलाके में एक मंदिर पर 50 वर्षीय बाबूलाल वैष्णव पूजा करता था और मंदिर माफी की जमीन पर भी उसी का कब्जा था, लेकिन इस जमीन को लेकर गांव के दबंग आरोपी कैलाश मीणा ने कब्जा करने के लिए पुजारी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
उसके बाद पुजारी को अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी कैलाश मीणा को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में पहले से ही विवाद था।
इस पर मृतक के रिश्तेदार रमाकांत शर्मा का कहना है कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन हम चाहते हैं कि उसके पूरे परिवार को गिरफ्तार किया जाए और पुलिस कर्मचारियों को निष्क्रियता के लिए निलंबित कर देना चाहिए।