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गाजियाबाद पिटाई मामले में आया एक और नया मोड़, पीड़ित अब्दुल को ही फंसाने की थी सपा नेता की प्लानिंग!, बनवाया था…

By Amit ranjan 
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गाजियाबाद : यूपी के गाजियाबाद में मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई मामले में हल रोज एक न एक नया खुलासा हो रहा है, जिससे इस केस में एक साथ कई ट्विस्ट आ गये है। बता दें कि

शुरुआती पूछताछ में सपा नेता उम्मेद पहलवान इदरीस ने पूरी जिम्मेदारी मारपीट के पीड़ित अब्दुल समद पर डाल दी। लेकिन बाद में उसने कबूला कि यह प्लानिंग उसने अपने कुछ साथियों के साथ की थी।

डीआईजी अमित पाठक ने बताया कि उम्मेद को रविवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है। कुछ अन्य नाम सामने आए हैं। उनकी जांच हो रही है। आपको बता दें कि फेसबुक पर लाइव वीडियो के मामले में फरार होने के दौरान अब्दुल को उनके बेटे के साथ उम्मेद ले गया था। इस दौरान दोनों को जेल जाने का डर दिखा रहा था। उन्हें गुमराह कर खुद को बचाने की प्लानिंग कर रहा था।

यह भी जानकारी मिली है कि वह दिल्ली से अब्दुल समद के नाम से एक एफिडेविट तैयार करवाने की प्लानिंग कर रहा था। इसमें पीड़ित अब्दुल खुद की गलती मानकर उम्मेद को बेकसूर बताने वाला था। उसने इसी प्लानिंग के साथ पुलिस को अपने पहले बयान में यही बात कही कि उसे अब्दुल ने गुमराह किया था। लेकिन मोबाइल से मिली जानकारी के बाद उसने अपना गुनाह कबूला और राजनीतिक फायदे के लिए ऐसा करना बताया। हालांकि इस मामले में उम्मेद के अलावा अन्य नामों की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस कुछ राजनीतिक नामों की भी जांच कर रही है, जिनसे उसने लाइव से पहले संपर्क किया या ऐसा करने की अनुमति ली।

शहीद नगर से गई कॉल के बाद शुरू हुई प्लानिंग

इस मामले में शहीद नगर से भी राजनीति व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है। उम्मेद को इस मामले की जानकारी शहीद नगर से दी गई थी। 6 जून को सूचना मिलने के बाद इसे धार्मिक रंग देने का कार्य शुरू किया। शहीद नगर से जानकारी लेने के बाद उम्मेद ने अब्दुल से संपर्क किया और उसकी परेशानी का फायदा उठाकर अपनी मर्जी के अनुसार मामले को बनाया। इसमें उसने तहरीर में गलत जानकारी दिलवाई। इसके बाद उसने बुजुर्ग को साथ लेकर वीडियो बनाया। अब इस मामले में शहीद नगर के प्रमुख नेता की भूमिका की जांच शुरू हो गई है। इस मामले में वीडियो को एडिट कर उससे आवाज हटाने का आरोप भी उसी पर है।

परवेश के मोबाइल से खुलेगा वीडियो सामने आने का राज

रंगदारी के मामले में गिरफ्तारी के कारण पुलिस ने उसके मोबाइल की जांच नहीं की थी। परवेश के जेल में बंद होने के बाद पुलिस उसे रिमांड पर लेकर मोबाइल के बारे में पता करेगी। बता दें कि जांच में सामने आया है कि वीडियो परवेश के मोबाइल में बना था। अब सबसे पहले वीडियो किसने लिया और उम्मेद तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच पुलिस कर रही है।

यह है पूरा मामला

5 जून को बुलंदशहर के अनूप शहर में रहने वाले अब्दुल समद के साथ मारपीट हुई थी। इस मामले में एक बिना ऑडियो का वीडियो वायरल हुआ और घटनाक्रम को धार्मिक रंग देने का प्रयास हुआ। इस मामले में तीन मुकदमे दर्ज हुए हैं। बुजुर्ग से मारपीट मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले को धार्मिक रंग देने वाले उम्मेद को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसके अलावा एक मुकदमा ट्विटर समेत 9 लोगों पर दर्ज हुआ है। ट्विटर समेत अन्य आरोपियों को नोटिस भेजे गए हैं। नोटिस मिलने के 7 दिन में पेश होकर बयान देना है।

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