लखनऊ : अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरी ने सोमवार देर शाम प्रयागराज स्थित बाघंबरी मठ अपने आवास में आत्महत्या कर ली। जहां से पुलिस ने उनके शव को बरामद कर लिया है। वहीं पुलिस को महंत के कमरे से 6 से 7 पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुसाइड नोट के आधार पर उनके शिष्य आनंद गिरी को हिरासत में लिया है।
बता दें कि नरेंद्र गिरी की सोमवार को लाश मिली थी। उनका शव प्रयागराज के उनके बाघंबरी मठ में ही फांसी के फंदे से लटकता मिला था। महंत के कमरे से 6 से 7 पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। आईजी केपी सिंह के अनुसार, सोमवार शाम जब 5.25 बजे नरेंद्र गिरी के शिष्य बबलू ने फोन पर सूचना दी थी कि उन्होंने फांसी लगा ली है। गिरी दोपहर का भोजन करने के बाद आराम करने चले गए थे। जब काफी देर तक वे कमरे से बाहर नहीं निकले, तब शिष्यों ने पहले उन्हें फोन किया था।
लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी भी हिरासत में
इस मामले में पुलिस ने लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप को भी हिरासत में लिया है। सुसाइड नोट में नरेंद्र गिरी ने इनके नामों का भी उल्लेख किया है। आनंद गिरी को पकड़ने उत्तराखंड पुलिस सोमवार शाम को ही कांगड़ी गाजीवाली स्थित आश्रम पहुंच गई थी। पहले उन्हें हाउस अरेस्ट रखा गया था। लेकिन रात करीब 10.30 बजे यूपी पुलिस की सहारनपुर SOG की टीम आश्रम पहुंची। वहां बंद कमरे में आनंद गिरी से करीब डेढ़ घंटे पूछताछ हुई और फिर हिरासत में ले लिया गया। हरिद्वार एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि मामला उत्तर प्रदेश का है, इसलिए वहां की पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर गई है।
Anand Giri, person accused of abetment to suicide in the death of Narendra Giri (Akhil Bhartiya Akhada Parishad president), claims conspiracy behind the “suspicious” death. Says he has been been framed in the case. pic.twitter.com/2jgtttDeMz
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) September 20, 2021
हिरासत में लेने के बाद बोले आनंद गिरी- यह एक साजिश
पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद आनंद गिरी ने कहा कि उन्हें किसी साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। आनंद गिरी ने कहा कि उनके गुरु की हत्या हुई है। इसमें कौन लोग शामिल हैं, इसका खुलासा होना चाहिए। आनंद गिरी ने कहा कि अगर वे इस मामले में दोषी हैं, तो सजा मिलनी चाहिए। वहीं, कई संतों को यह बड़ी साजिश लग रही है। उनका कहना है कि नरेंद्र गिरी सुसाइड नहीं कर सकते हैं। रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। आचार्य ने कहा कि उन्हें कोई शारीरिक तकलीफ नहीं थी। उम्र भी ज्यादा नहीं थी। ऐसे में उनकी मौत संदेह पैदा करती है।
सुसाइड नोट में किया था जिक्र
एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि महंत नरेंद्र गिरी का एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें लिखा है कि मठ और आश्रम को लेकर आगे क्या करना है। किस तरह से व्यवस्था होगी। क्या करना है। एक तरह से सुसाइड नोट में उनका वसीयतनामा है। एडीजी ने बताया कि महंत नरेंद्र गिरी के शव के पास मिली सुसाइड नोट में विस्तार से लिखा है कि किसे क्या देना है और किसके साथ क्या करना है। पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि वह अपने एक शिष्य से दुखी थे। पुलिस ने शिष्य का नाम तो नहीं बताया लेकिन सूत्रों के अनुसार उन्होंने आनंद गिरी का नाम लिखा है। उन्होंने लिखा है कि मैं सम्मान के बिना नहीं रह सकता। अब समझ नहीं आ रहा कि क्या कर सकता हूं। उन्होंने बेहद मार्मिक बातें लिखी हैं। उन्होंने अपनी गद्दी किसे सौंपनी है इस बारें भी लिखा है।
सूत्रों के मुताबिक महंत गिरी महंत नरेंद्र गिरि को सीडी के आधार पर ब्लैकमेल किया जा रहा था। पुलिस ने सीडी भी बरामद की है। शिष्यों का दावा है कि मौत से पहले महंत नरेंद्र गिरि ने कबूलनामे का एक वीडियो बनाया था।
सीएम योगी और अखिलेश करेंगे अंतिम दर्शन
सीएम योगी आदित्यनाथ मठ बाघम्बरी गद्दी पहुंचेंगे। सीएम योगी बाघम्बरी गद्दी पहुंचकर श्रद्धांजलि देंगे। सुबह साढ़े 11 बजे महंत नरेंद्र गिरि के अंतिम दर्शन होंगे। वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रयागराज पहुंचकर महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करेंगे। समाजवादी पार्टी के ट्विटर हैंडल से इसकी जानकारी दी गई है. अखिलेश दोपहर 12 बजे प्रयागराज पहुंचेंगे।
देश के प्रख्यात संत व अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत श्री नरेन्द्र गिरि जी की मौत की खबर अति-दुःखद तथा जिस परिस्थिति में उनकी मौत की खबर है वह अति-चिन्तनीय। उनके अनुयाइयों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। सरकार जन भावना व मामले की गंभीरता के अनुरूप संतोषजनक कार्रवाई करे।
— Mayawati (@Mayawati) September 20, 2021
मायावती ने जताया दुख
बसपा सुप्रीमो और यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने महंत नरेंद्र गिरि की मौत पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट कर सरकार से इस मामले की संतोषजनक कार्रवाई करने की मांग की है। मायावती ने ट्वीट कर लिखा कि, “देश के प्रख्यात संत व अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत श्री नरेन्द्र गिरि जी की मौत की खबर अति-दुःखद तथा जिस परिस्थिति में उनकी मौत की खबर है वह अति-चिन्तनीय. उनके अनुयाइयों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। सरकार जन भावना व मामले की गंभीरता के अनुरूप संतोषजनक कार्रवाई करें।”