मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और सीहोर आज देशभर के कृषि नीति संवाद का केंद्र बनेंगे। सीहोर जिले के अमलाहा स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र में 7 फरवरी सुबह 9:30 बजे से नेशनल पल्सेज कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री एक मंच पर जुटेंगे।
इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे।
सम्मेलन में दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य देश को दालों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना, किसानों की आय बढ़ाना और पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है। “दालों में आत्मनिर्भर भारत, समृद्ध किसान और पोषित राष्ट्र” विषय पर गहन विचार-विमर्श होगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सम्मेलन के दौरान खेतों का भ्रमण भी करेंगे और किसानों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इसके साथ ही किसान उत्पादक संगठन (FPO), बीज उत्पादक और कृषि आधारित उद्योगों के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में भाग लेंगे, जिससे नीति और जमीनी अनुभवों का समन्वय हो सके।
सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा FLRP (फूड लेग्यूम्स रिसर्च प्लेटफॉर्म) की अत्याधुनिक सुविधाओं का लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ राष्ट्रीय स्तर का संवाद भी आयोजित होगा।
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में ओडिशा, पंजाब, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कृषि मंत्री भाग लेंगे। एक साथ इतने राज्यों की सहभागिता से दलहन उत्पादन, अनुसंधान और विपणन को लेकर ठोस रणनीति तैयार होने की उम्मीद है।
सम्मेलन के अवसर पर पल्सेस मिशन पोर्टल का शुभारंभ भी किया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को उन्नत किस्मों के दलहन बीज वितरित किए जाएंगे, जिससे उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने में मदद मिलेगी। यह सम्मेलन न केवल कृषि नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि देश को दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।