रिपोर्ट: सत्यम दुबे
शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से वारदात का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आपके भी होश उड़ जायेंगे। यहां डॉक्टरों की लापरवाही से एक महिला की जन चली गई। जनवरी में इसी साल एक महिला का प्रसव अस्पताल में हुआ, कथित तौर पर डॉक्टरों द्वारा पेट में कपड़ा छोड़ देने के कारण छ: महीने बाद 26 जुलाई को महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस सूत्रों ने बुधवार को जानकारी दी कि शाहजहांपुर जिले के तिलहर क्षेत्र के रामापुर उत्तरी गांव में रहने वाले मनोज की 30 वर्षीय पत्नी नीलम का पिछली छह जनवरी को राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के जरिए प्रसव हुआ था। आरोप है कि एक डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान प्रसूता के पेट में कपड़ा छोड़ दिया दिया था।
वहीं मृतक महिला के पति मनोज ने बुधवार को एक समाचार एजेंसी से फोन पर बताया कि उनकी पत्नी की इलाज के दौरान लखनऊ के ट्रामा सेंटर में सोमवार की रात में मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत करने के बाद भी अभी तक किसी ने भी उनके न तो बयान लिए और ना ही आरोपी डॉक्टर पर कोई कार्रवाई हुई।
उन्होंने बताया कि बेटी के जन्म के बाद उसकी पत्नी के पेट में दर्द की शिकायत रहती थी। बीते 21 जून को मेडिकल कॉलेज में कराये गये सीटी स्कैन से पेट में कपड़ा होने की पुष्टि हुई थी, तथा उसके बाद ऑपरेशन करके कपड़ा निकाला गया था। बाद में हालत गंभीर होने पर पीड़िता को लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती करा दिया गया था।
जबकि राजकीय मेडिकल कॉलेज की जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर पूजा त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में बनाई गई जांच कमेटी ने आरोपित डॉक्टर पंकज को फोन करके उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने बात टाल दी। इस बात की पुष्टि जांच कमेटी के सदस्य डॉक्टर सरोज कुमार ने करते हुए बताया कि अब डॉक्टर पंकज जांच कमेटी को बयान देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि आरोपित डॉक्टर पंकज छह माह के लिए सीनियर रेजिडेंट के पद पर यहां काम कर रहे थे और कार्यकाल पूरा होने के बाद वह मेडिकल कॉलेज से चले गए हैं।