भोपाल: राजधानी में आयोजित सेलिंग प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से खिलाड़ियों और क्लबों का भोपाल पहुंचना मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है।
प्रतियोगिता में देशभर के 12 क्लबों से 87 खिलाड़ियों ने भाग लिया। खिलाड़ियों ने कुल 110 रेस में अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का बेहतर मंच मिला है।
प्रतियोगिता में नेशनल सेलिंग स्कूल भोपाल ने पहला स्थान हासिल किया। नेवी यूथ स्पोर्ट्स क्लब गोवा दूसरे और सिकंदराबाद तीसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री ने विजेता खिलाड़ियों के साथ सभी प्रतिभागियों और प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों के क्षेत्र में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब देश में खेलों के मामले में तीसरे स्थान तक पहुंच चुका है। सरकार का लक्ष्य खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
सीएम ने बताया कि प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों में एक-एक स्टेडियम विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को कॉमनवेल्थ की मेजबानी मिली है। सरकार का प्रयास है कि भविष्य में प्रदेश को 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी का अवसर भी प्राप्त हो। इसके लिए खेल सुविधाओं के विस्तार और प्रतिभाओं को तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में फिलहाल 18 खेल विधाओं के लिए 11 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं। इन अकादमियों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, सुविधाएं और बेहतर खेल वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया और उनके जीवन एवं संघर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्वों के विचार और योगदान देश की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।