मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर मंत्रियों द्वारा विभागीय रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमंतु और अर्द्धघुमंतु कल्याण विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में अपने विभाग की दो साल की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।
पत्रकार वार्ता की शुरुआत वीर बाल दिवस के अवसर पर सिख पंथ के 10वें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों वीर जोरावर सिंह और वीर फतेह सिंह की शहादत को नमन करते हुए की गई। मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के पथ पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मुख्यमंत्री के कार्यों की सराहना का भी उल्लेख किया।
मंत्री कृष्णा गौर ने कांग्रेस शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में मध्यप्रदेश पिछड़ेपन का शिकार रहा, लेकिन शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश ‘बीमारू राज्य’ की छवि से बाहर निकला। उन्होंने कहा कि अब डॉ. मोहन यादव सरकार प्रदेश को नई ऊर्जा और गति के साथ विकास के नए आयामों तक पहुंचा रही है।
अपने विभाग की उपलब्धियां गिनाते हुए मंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में ओबीसी छात्रावास परियोजना के तहत प्रदेशभर में आदर्श छात्रावासों का निर्माण और उन्नयन तेज़ी से किया जा रहा है। प्रथम चरण में 30 कन्या छात्रावासों को शामिल किया गया है। छात्रावासों में कमरों का रिनोवेशन, नया फर्नीचर, अलमारी, अध्ययन टेबल, भोजन कक्ष और आधुनिक किचन की सुविधा दी जा रही है। साथ ही वाई-फाई, इंडोर जिम, ई-लाइब्रेरी और सोलर पैनल की व्यवस्था भी की जा रही है। इस पर लगभग 16 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि ओबीसी छात्रों के लिए निशुल्क मेस सुविधा शुरू की जा रही है, जो 26 जनवरी 2026 से लागू होगी। इसके साथ ही छात्रावासों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और नियमित योग शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है।
कृष्णा गौर ने बताया कि वर्ष 2023-24 में 7.35 लाख विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 978.43 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई। वर्ष 2024-25 में 7.72 लाख विद्यार्थियों को 1119.13 करोड़ रुपये और वर्ष 2025-26 में 5 नवंबर तक 5.23 लाख विद्यार्थियों को 681.41 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
मंत्री ने बताया कि विशेष योजना के तहत हर वर्ष 50 विद्यार्थियों को विदेश अध्ययन के लिए भेजा जाता है। वर्ष 2024-25 में 33 विद्यार्थियों को विदेश भेजने पर 15.44 करोड़ रुपये खर्च किए गए। एमपीपीएससी और यूपीएससी में सफल अभ्यर्थियों को क्रमशः 1 लाख और 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अलावा टेक्निकल इंटर्न ट्रेनिंग प्रोग्राम (TITP) के तहत पहले चरण में 16 युवाओं को जापान भेजा गया, जबकि अब 300 युवाओं को जापान और 300 को जर्मनी भेजने की स्वीकृति मिल चुकी है।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अल्पसंख्यक उद्यम स्वरोजगार योजना के तहत वर्ष 2024-25 में हजारों हितग्राहियों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया गया। दिल्ली छात्र गृह योजना में लाभार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 की गई है और मासिक सहायता राशि 1550 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये की जा रही है। सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना के तहत 10 हजार छात्रों को निशुल्क कोचिंग दी जाएगी।
पत्रकारों के सवालों के जवाब में मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि आज़ादी के बाद अनुसूचित जाति और जनजाति को जो लाभ मिले, वैसा अन्य पिछड़ा वर्ग को नहीं मिला। लंबे संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने ओबीसी वर्ग को उनके अधिकार दिए। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में वक्फ संपत्तियों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है और ‘उम्मीद पोर्टल’ के माध्यम से तीन चरणों में सत्यापन के बाद स्पष्ट आंकड़े सामने लाए जाएंगे।