रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: तीनों नये कृषि कानूनों को लेकर सरकार के विरोध में किसानों द्वारा जारी आंदोलन का गुरुवार को 71वां दिन है। किसान आंदोलन दिन पर दिन तेज ही होता जा रहा है। गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड के नाम पर हुई हिंसा के बाद आंदोलन कुछ कमजोर पड़ा था। लेकिन भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के ऑसूओं ने आंदोलन में एक बार फिर जान फूंक दी है। किसानों द्वारा सरकार के विरोध में किये जा रहे इस आंदोलन में अब इंटरनेशनल बयानबाजी भी सामने आने लगी है।
गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल की सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और 10 विपक्षों दलों के 15 नेता किसानों से मिलने गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रोक दिया। आपको बता दें कि इन विपक्षी नेताओं में NCP सांसद सुप्रिया सुले, DMK सांसद कनिमोझी, SAD सांसद हरसिमरत कौर बादल शामिल थी।
हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि “यहां 3 किलोमीटर तक बैरिकेडिंग लगी हुई हैं। ऐसे में किसानों की क्या हालत हो रही होगी। हमें भी यहां रोका जा रहा है हमें भी उनसे मिलने नहीं दे रहे। हम आठ-दस पार्टियां किसानों से मिलने गाजीपुर बॉर्डर जा रही हैं, जहां पर कीलें,13 लेवल की बैरिकेडिंग की गई है, इतना तो हिंदुस्तान के अंदर पाकिस्तान बॉर्डर पर भी नहीं है। हमें संसद में भी इस मुद्दे को उठाने का मौका नहीं दिया जा रहा है जो कि सबसे अहम मुद्दा है।“
आपको बता दें कि इससे पहले अमेरिका ने भी किसान आंदोलन को लेकर अपना बयान जारी किया है। अमेरिका ने तीनों नये कृषि कानूनों का स्वागत किया है। इसी बीच अमेरिका ने कहा कि “किसी भी विवाद या प्रदर्शन को लेकर दोनों पार्टियों में चर्चा होनी चाहिए। बातचीत से ही हल निकलना चाहिए।“