बड़वानीः आदिवासी क्षेत्र में मजदूरों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित मजदूरों ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पानी की टंकी बनाने वाला ठेकेदार मजदूरों का पैसा दिए बिना बिहार भाग गया और उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर दिया है।
पूरा मामला सेंधवा विधानसभा के ग्राम पंचायत झोपाली के ग्राम घाघरखेड़ा के ग्रामीणों का है। जहाँ एक ओर जल जीवन मिशन अंतर्गत बनाई जा रही पानी की टंकी का काम ग्रामीण मजदूरों से करवाया गया लेकिन ग्रामीणों का मजदूरी का पैसा अब तक नही मिला और ना ही कोई जवाब मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार बिना मजदूरी दिए ही भाग गया। जिसकी शिकायत लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई।
आवेदन देने आए ग्रामीण मजदूर नंदू ने बताया कि जलजीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम घाघर खेड़ा ओर निहाली में दो स्थानों पर ग्रामीण मजदूरों के द्वारा पानी की टँकीया के निर्माण में मजदूरी का काम किया गया था। ठेकेदार द्वारा प्रतिदिन के मान के हिसाब से 600 रुपए देने पर मजदूरी लगवाई थी लेकिन बीते 111 दिन बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों की मजदूरी का पैसा आज तक नहीं मिला और नही कोई ठेकेदार से संपर्क हो पाया।
मजदूरों का यह भी कहना है कि 60 हजार से अधिक मजदूरी का पैसा बन रहा है, जिसका भुगतान किए बिना ही ठेकेदार यहां से नौ दो ग्यारह हो गया है। ऐसे में ग्रामीण मजदूर मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है। इस मामले को लेकर पीड़ित मजदूर जनसुनवाई में पहुंचे और उनकी मजदूरी दिलाने की मांग की।
बड़वानी से संवाददाता लोकेश दावदे की रिपोर्ट