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WEF Davos 2026: दावोस में ऊर्जा भंडारण पर चर्चा, अमारा राजा समूह से मिली मध्यप्रदेश टीम

WEF 2026 दावोस में मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल और अमारा राजा समूह के बीच नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज और भविष्य की ऊर्जा रणनीति पर अहम बैठक।

By: Abhinav Tiwari 
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WEF Davos 2026: दावोस में ऊर्जा भंडारण पर चर्चा, अमारा राजा समूह से मिली मध्यप्रदेश टीम

वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम (WEF)-2026 के दौरान स्विट्ज़रलैंड के दावोस में मध्यप्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने अमारा राजा समूह के सह-संस्थापक, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जय गल्ला के साथ नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और बैटरी आधारित समाधानों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

ऊर्जा भंडारण और बैटरी समाधानों पर फोकस

बैठक के दौरान मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई। अमारा राजा समूह ने राज्य में चल रही ऊर्जा भंडारण पहलों की जानकारी प्राप्त की और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर रुचि दिखाई।

अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तरी मध्यप्रदेश के मुरैना क्षेत्र में एक प्रमुख बैटरी स्टोरेज परियोजना संचालित की जा रही है। इस परियोजना के माध्यम से वर्तमान में शाम के पीक समय में दो घंटे और तड़के सुबह दो घंटे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

24 घंटे नवीकरणीय ऊर्जा की दीर्घकालिक रणनीति

बैठक में राज्य सरकार की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति साझा करते हुए अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि मध्यप्रदेश का लक्ष्य चौबीसों घंटे नवीकरणीय ऊर्जा उपलब्ध कराना है। इसके लिए एकीकृत बैटरी स्टोरेज समाधानों के माध्यम से 24×7 सौर ऊर्जा उत्पादन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में प्रस्तावित सभी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की योजना स्टोरेज घटकों के साथ बनाई जा रही है। इस दृष्टिकोण को राज्य की प्रगतिशील नवीकरणीय ऊर्जा नीति का पूरा समर्थन प्राप्त है।

पंप स्टोरेज और हाइब्रिड मॉडल पर भी चर्चा

बैठक में ऊर्जा भंडारण तकनीकों में विविधता लाने के प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि मध्यप्रदेश में पंप स्टोरेज नीति तैयार की जा रही है, जिसके तहत निजी डेवलपर्स के साथ निरंतर संवाद चल रहा है।

इसके अलावा जलविद्युत-सौर और तापीय-सौर जैसे हाइब्रिड मॉडलों की संभावनाओं का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। इन मॉडलों की लागत संरचना, तकनीकी व्यवहार्यता और दीर्घकालिक लाभों पर अध्ययन किया जा रहा है, ताकि स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा समाधान विकसित किए जा सकें।

आगे की कार्ययोजना और संभावित सहयोग

बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि परियोजनाओं से संबंधित विस्तृत आंकड़ों का आदान-प्रदान, विभिन्न तकनीकी विकल्पों का मूल्यांकन,
और मध्यप्रदेश की स्वच्छ ऊर्जा रोडमैप के अनुरूप ऊर्जा भंडारण एवं उन्नत बैटरी समाधानों में संभावित सहयोग के लिए निरंतर संवाद बनाए रखा जाएगा।

यह बैठक नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण एकीकरण और दीर्घकालिक सतत विकास पर आधारित भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

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