1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. बनारस में हड़ताल पर बुनकर, दूसरे दिन बनाई मानव श्रृंखला VIDEO

बनारस में हड़ताल पर बुनकर, दूसरे दिन बनाई मानव श्रृंखला VIDEO

By: RNI Hindi Desk 
Updated:
बनारस में हड़ताल पर बुनकर, दूसरे दिन बनाई मानव श्रृंखला VIDEO

बनारस के बुनकर हड़ताल के दूसरे दिन सड़क पर उतरे और मानव श्रृंखला बनाई। बिजली का फिक्स चार्ज की मांग करते हुए बुनकरों ने मंगलवार से हड़ताल शुरू की है। बड़ी बाजार कॉटन मिल चौकाघाट इलाके में बुनकरों ने मानव श्रृंखला बना कर अपने विरोध का प्रदर्शन किया। बुनकरों की हड़ताल से बनारसी साड़ी की गद्दियों पर भी सन्नाटा पसर गया है। बुनकरों के साथ पार्षद भी सड़क पर उतरे।

बुनकरों का कहना है कि लॉकडाउन और कोरोना के कारण पहले से कारोबार बदहाल है। उसके बाद बिजली का भारी बिल कैसे अदा किया जाएगा। पहले की तरह बुनकरों से किफायदी फिक्स चार्ज लेना चाहिए। हड़ताल के कारण बनारस के हर मोहल्ले में पावरलूम खामोश रहे। बुनकरों ने स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। वहीं कुछ बुनकर बिरादराना तंजीम के सदस्यों ने मोहल्ले के लोगों को इस आंदोलन के प्रति जागरूक करते रहे। पार्षद अफजाल अंसारी ने कहा कि एक सितंबर से हम लोगों ने हड़ताल और धरना शुरू किया है। बुनकरों को हमेशा फिक्स चार्ज पर बिजली मिलती थी लेकिन प्रदेश सरकार ने इसे खत्म कर दिया है। अगर फिक्स चार्ज नहीं मिला तो हमारा धरना प्रदर्शन चलता रहेगा।

मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताने उतरे अमान ने कहा कि हम सभी लोग बुनकरों की लड़ाई लड़ रहे हैं। बुनकरों का फिक्स चार्ज खत्म करके रीडिंग का चार्ज ले रही है। उन्होंने कहा कि एक मशीन पर बिजली का खर्च ही 2500 आ रहा है। अगर बुनकर एक मशीन से आठ हजार कमा रहा है और उसी में पूरे परिवार का भरण पोषण कर रहा है तो इतना ज्यादा बिजली का बिल कहां से देगा। हम लोग सरकार के विरोधी नहीं है। सरकार हमारी बातों को सुने और समझे। पार्षद रमजान अली ने कहा कि हम लोग मानव श्रृंखला बनाकर विरोध सरकार तक पहुंचा रहे हैं। अगर सरकार ने मांग नहीं मानी तो हम लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

बुनकर बिरादराना तंजीम ने उत्तर प्रदेश बुनकर महासभा के समर्थन में मुर्री सहित बुनकारी से जुड़े हर तरह के कार्य 1 से 15 सितंबर तक बंद रखने की घोषणा की थी। बंदी का असर हर तरफ दिखा। हर मोहल्ले के पावरलूम बंद थे। साड़ी की गद्दियों पर भी लेन-देन नहीं हुआ।

तंजीम चौदह के सरदार मकबूल हसन व इशरत उस्मानी ने बताया कि मुर्री बंदी के दौरान आंदोलन को और तेज करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। अगर सरकार हमारी मांगे मान लेती है तो यह बंदी समाप्त हो जाएगी, लेकिन नहीं मानती है तो प्रदेशभर के बुनकर सामूहिक रूप से बिजली का कनेक्शन कटवाने के लिए आवेदन करेंगे।

लोहता संवाददाता के अनुसार साड़ी व्यापार मंडल भी दूसरे दिन बुधवार को पूरी तरह बंद रहा। इसका असर अन्य दुकानों पर देखने को मिला। पावरलूम मशीनें भी बंद रही । क्षेत्र के कोटवां, मंगलपुर, भरथरा, महमूदपुर, हरपालपुर, धन्नीपुर, चंदापुर और लोहता में जहां रात दिन पावरलूम और हथकरघा खटर पटर चलती थी दो दिनों से बंद है। इसका असर अन्य दुकानों पर देखने को मिला। साड़ी व्यापार मंडल के अध्यक्ष सेराज अहमद फारुकी ने बताया कि प्रदेश सरकार यदि बुनकरों के फ्लैट रेट बिजली का नियम एक सप्ताह में नहीं करती तो साडी़ व्यापार मंडल अपनी बंद को बुनकरों के समर्थन में आगे ले जायेगी। बुनकर नेता मुख्तार अंसारी और कामील अंसारी, बसारत अली ने कहा है कि प्रदेश सरकार फ्लैट रेट पर बुनकरों को बिजली मुहैया नहीं करती है तो साडी़ व्यापार धाराशाई हो जायेगा।

 

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...