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विकास दुबे के साथी छोटू का अभी तक पुलिस को नहीं पता चला असली नाम, खाेजने में जुटीं टीमें

By: RNI Hindi Desk 
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विकास दुबे के साथी छोटू का अभी तक पुलिस को नहीं पता चला असली नाम, खाेजने में जुटीं टीमें

कानपुर के चर्चित विकास दुबे केस में पुलिस अधिकारियों का यह दावा है कि उन्होंने एफआईआर में नामजद और विवेचना के दौरान जिनके नाम प्रकाश में आए उन सभी लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, मगर अभी भी एफआईआर में नामजद एक आरोपित लापता है। न वह गिरफ्तार हुआ है, न ही उसने सरेंडर किया है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि पुलिस को उसका असली नाम तक नहीं पता।

2 जुलाई को जब बिकरू में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की गई थी। उसके बाद पुलिस ने मुठभेड़ और हत्या को लेकर एक एफआईआर चौबेपुर थाने में दर्ज कराई थी। इसमें छोटू शुक्ला नाम का एक आरोपित बनाया गया था। एफआईआर में नामजद आरोपित या तो एनकाउंटर में मारे गए या फिर गिरफ्तार किए गए। कुछ आरोपितों ने कोर्ट में सरेंडर भी कर दिया। मगर छोटू शुक्ला का कुछ पता नहीं चला। न उसे गिरफ्तार किया जा सका है और न ही उसने सरेंडर किया। यहां तक के पुलिस को उसका असली नाम तक नहीं पता। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसा आरोपित है तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सम्भव है कि गिरफ्तार आरोपितों में ही किसी का नाम छोटू हो।

पूर्व एसओ के कारखास का भी पता नहीं 
इस मामले में जेल गए पूर्व एसओ विनय तिवारी के साथ कारखास प्राइवेट कर्मी विकास यादव भी घटना के समय बिकरू में मौजूद था। वह ही एसओ की गाड़ी चलाकर गया था। इस कारखास के बारे में भी पुलिस के पास जानकारी नहीं। वह घटना में घायल भी हुआ था। उसके बाद इसके बयान आदि लिए गए की नहीं, इस बारे में किसी के पास कोई जानकारी नहीं है।

विकास के भांजे ने बरामद कराया बंदूक और तमंचा
बिकरू कांड में पुलिस ने गुरुवार को कुख्यात विकास दुबे के भांजे शिव तिवारी को रिमांड पर लिया। पुलिस ने उससे पूछताछ करने के साथ ही आरोपित की निशानदेही पर बंदूक, तमंचा और कारतूस बरामद कर लिया है। सुबह पुलिस उसे लेकर चौबेपुर थाने पहुंची। वहां से दिन भर की कार्रवाई के बाद पुलिस ने देर शाम उसे वापस माती जेल में दाखिल कर दिया। बिकरू कांड में जिन लोगों ने सरेंडर किया है पुलिस एक-एक कर उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। विकास दुबे के भांजे शिव तिवारी को रिमांड पर लेने के बाद पुलिस उसे चौबेपुर थाने ले कर आई। वहां पर एक कमरे में दो घंटे तक उससे विवेचक इंस्पेक्टर नजीराबाद ज्ञान सिंह और उनकी टीम ने पूछताछ की। उसके बाद उसे बिकरू के आसपास के इलाके में ले जाकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सीओ बिल्हौर संतोष सिंह ने बताया कि उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक बंदूक, एक तमंचा और आधा दर्जन कारतूस बरामद किए हैं।

 

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