सरकारी एंबुलेंस के स्टाफ की सूझबूझ से न केवल गर्भवती की जान संकट से बाहर आ गई बल्कि सुरक्षित प्रसव हुआ। अस्पताल जा रही गर्भवती को एंबुलेंस में ही प्रसव पीड़ा होने लगी। मेडिकल तकनीशियन ने आशा की मदद से डिलेवरी कराई। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। ब्लॉक आलमपुर जफराबाद क्षेत्र के गांव बनारा निवासी श्रीवती पत्नी अमरजीत गर्भवती थी। उसे प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने सरकारी 102 एंबुलेंस को फोन कर बुलाया।
एंबुलेंस चालक और इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन(ईएमटी) अजय कुमार उसे भमोरा सामुदायिक केंद्र पर भर्ती करने के लिए लेकर चले। भमोरा सामुदायिक केंद्र पर लाते समय रास्ते में महिला की हालत बिगड़ने लगी। एंबुलेंस को सड़क किनारे खड़ा करके गाडी पर तैनात अजय कुमार ने आशा की मदद से गाड़ी में ही उसकी डिलीवरी करा दी। प्रसव के उपरांत जच्चा-बच्चा की जान बचा ली गई और बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भमौरा में जच्चा बच्चा को भर्ती कराया। अब तक बीते 5 माह में सरकारी एंबुलेंस में 26 प्रसव हो चुके हैं।