नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के करीब 12 हजार कैडेटों की भर्ती की जाएगी। सेना के मध्य कमान के प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में घोषणा की थी कि इस वर्ष व्यापक पैमाने में देश के सीमावर्ती इलाकों में एक लाख एनसीसी कैडेटों का नामांकन कर एनसीसी के पद चिन्हों को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री के इस लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए उत्तर प्रदेश में 11,980 अतिरिक्त एनसीसी कैडेटों का नामांकन एवं भर्ती सीमावर्ती क्षेत्रों में किया जाना सुनिश्चित है। इसके अंतर्गत पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराईच, श्रीवस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महराजगंज जिलों में एनसीसी का विस्तार होगा। इस कार्य को सम्पन्न करने के लिए एनसीसी की कुछ बटालियनों को पुन: संगठित करके उनकी सामर्थ्य संख्या को बढ़ाया जा रहा है।
प्रवक्ता ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में नामांकित एनसीसी कैडेटों के प्रशिक्षण का पूरा खर्चा केन्द्र सरकार वहन करेगी जिसके तहत कैडेटों का प्रशिक्षण, ड्रेस, एएनओ के मानदेय, कैम्प के खर्चे आदि, कैडेट यदि देश के किसी भी इलाके में जाते है तो रेल या बस आदि का यात्रा भत्ता भी भारत सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।
उन्होने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में एनसीसी के विस्तार से राष्ट्र सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और सर्वांगीर्ण प्रगति का वातावरण बनेगा साथ ही साथ वहां के युवाओं का शारीरिक व मानसिक विकास तथा उनमें देश प्रेम भावना की जागृति और विकास पूर्णरूप से सम्पन्न होगा। सीमावर्ती इलाकों के गांवों और कस्बों के बालक-बालिकाओं के व्यक्तित्व का विकास अनुशासन के माध्यम से होगा और साथ ही वे तरक्की के रास्ते पर अग्रसर होगें। इन्हीं बालक-बालिकाओं में से कई आगे चलकर भविष्य में सेना तथा अर्धसैनिक बलों के विभिन्न पदों में आसीन होकर देश की रक्षा में अपना सहयोग प्रदान करेंगे।