मेरठ मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित दो मरीजों की मौत के बाद शव को बदलने के मामले में कॉलेज प्रशासन सख्त हो गया है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. ज्ञानेन्द्र कुमार ने कोविड वार्ड में तैनात रहे 12 कर्मचारियों, चिकित्सकों से जवाब तलब किया है। कोविड वार्ड की सिस्टर इंचार्ज को हटा दिया गया है। सुबह आठ बजे तक जवाब आने के बाद लाइन ऑफ एक्शन तय हो जाएगा। वैसे मेडिकल प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में पाया है कि बड़ी चूक हुई है।
दो कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के बाद शव बदलने के बाद मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया। प्रशासन की ओर से जांच टीम गठित किए जाने के बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार ने तुरंत मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड से संबंधित चिकित्सकों, कर्मचारियों की जानकारी ली। पाया कि मामले से 12 चिकित्सक और कर्मचारी जुड़े हैं। इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर सोमवार सुबह आठ बजे तक जवाब मांगा गया है। प्राचार्य ने बताया कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कोविड वार्ड की सिस्टर इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। अब सुबह आठ बजे तक सभी के जवाब आने के बाद विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माना है कि बड़ी चूक है। तीन सदस्यीय जांच टीम ने भी मामले को गंभीर पाया है। अब सुबह तक रिपोर्ट आने और संबंधित कर्मचारियों, चिकित्सकों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।