देवरिया के शातिर बदमाश और गैंगेस्टर तार बाबू की पांच करोड़ की और संपत्ति पुलिस कुर्क करेगी। पुलिस की रिपोर्ट पर सोमवार को डीएम अमित किशोर ने इसकी अनुमति दे दी। इससे पूर्व 30 अगस्त को पुलिस ने तारबाबू की एक करोड़ की संपत्ति को जप्त किया था।
बनकटा थाना क्षेत्र के रूस्तम बहियारी गांव के रहने वाले तारबाबू यादव पुत्र रमाशंकर यादव पर 34 मुकदमे दर्ज हैं। उसे पिछले दिनों पशु तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वर्तमान में वह जिला कारागार देवरिया में बंद है। पुलिस के अनुसार गिरोह बनाकर वह तस्करी समेत कई अपराधों में लिप्त रहा है। पिछले 12 वर्षो में उसने अपनी दहशत से करोड़ों की संपत्ति बनाई है। अपने कृत्यों से वह भाटपारानी और बिहार के सीवान जिले का टाप मोस्ट तस्कर बन गया।
उसके खिलाफ शराब तस्करी, पशु तस्करी, अवैध शस्त्र, हत्या, लूट जैसे गम्भीर मुकदमे दर्ज हैं। 10 जुलाई 2020 में पशु तस्करी का मुकदमा दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया था जिसके बाद उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित हुआ था। इसके बाद 26 अगस्त को न्यायालय में उसने आत्म समर्पण कर दिया था। पुलिस ने तार बाबू की संपत्ति का आकलन कर डीएम को रिपोर्ट भेजा था। जिस पर 28 अगस्त को डीएम ने उसके मकान और 11 भूखंड समेत करीब एक करोड़ की सम्पत्ति जप्त करने का आदेश दिया था। 30 अगस्त को पुलिस ने तारबाबू की भूमि को जप्त कर लिया। अब जांच में पुलिस को उसकी पांच करोड़ की और संपत्ति के बारे में पता चला है। पुलिस ने इसकी रिपोर्ट भी डीएम अमित किशोर के पास भेज दिया है जिस पर डीएम सोमवार को उसे भी जप्त करने का आदेश दिया। पुलिस आने वाले दिनों में उसकी यह संपत्ति जप्त करेगी।
परिजनों की संपत्ति का भी हो रहा आकलन
गैंगेस्टर तार बाबू के अलावा अब पुलिस उसके परिजनों की संपत्ति का भी आकलन करा रही है। पुलिस के अनुसार तारबाबू के अपराधों में कुछ परिजन भी शामिल रहे हैं। ऐसे में उनकी संपत्ति का आकलन कर उनके खिलाफ भी कुर्की और जब्ती की कार्रवाई होगी।
शातिर बदमाश तार बाबू ने अपराध से काफी सम्पत्ति अर्जित किया था। बदमाश की नामी और बेनामी कुल 12 सम्पत्ति को पहले कुर्क किया गया था। जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ रूपये थी। उसकी पांच करोड़ की संम्पत्ति का और पता चला है। उसकी कुर्की की अनुमति जिला मजिस्ट्रेट ने दे दी है। उसके कुछ परिजनों की संम्पत्ति का भी आकलन कराया जा रहा है।