ढाई लाख का इनामी आशु जाट मुंबई में फल बेचता रहा और एनसीआर में होने वाली कार लूट की घटनाओं में पुलिस उस पर शक जाहिर करती रही। वह फरवरी में ही मुंबई पहुंच गया था। वह वहां पर आकाश ठाकुर बनकर रह रहा था था। उके साथ रहने वालों को भी उस पर कभी शक नहीं हुआ।
हापुड़ पुलिस की एसओजी की टीम ने 26 जनवरी को दिल्ली में दबिश दी और यहां से पुलिस ने आशु की पत्नी पूनम और साथी उमेश को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि आशु फरार होने में कामयाब हो गया था।
हापुड़ एसपी संजीव सुमन ने बताया कि आशु जाट को अपने एनकाउंटर का डर सताने लगा था और इससे बचने के लिए आशु जाट फरवरी से ही मुंबई में रह रहा था और इस दौरान वह वहां स्थान बदल-बदलकर फलों की रेहड़ी लगा रहा था। उसने अपना नाम और हुलिया दोनों बदल लिए थे। वह वहां पर आकाश ठाकुर के नाम से रहता था। उसने दाढ़ी भी बढ़ा ली थी। जानकारी मिल रही थी कि जल्द ही वह एनसीआर में किसी बड़ी घटना को अंजाम देगा। पुलिस की मानें तो वह मुंबई में किराये के कमरे में रहता था और कमरे में उसके साथ तीन और लोग रहते थे, लेकिन उनोक कभी उस पर शक नहीं हुआ कि उनके साथ रहने वाला युवक एक इनामी बदमाश है।
मदद करने वाले छह लोगों की पहचान
आशु जाट से पुलिस ने कई बिंदुओ पर पूछताछ की है। पुलिस की मानें तो इस पूछताछ में उसे पनाह देने वाले और उसकी मदद करने वाले लोगों के बारे में भी पता चला है और पुलिस ने ऐसे छह लोगों को चिन्हित किया है, जो आशु जाट की मदद कर रहे थे। इन लोगों के बारे में भी पुलिस सबूत जुटा रही है और उन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा।