बाराबंकी जिला बार एसोसिएशन ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को कचहरी से निकलकर शहर के मुख्य मार्ग को जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। शहर में जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कई स्थानों से मार्गों को डायवर्ट कर जाम को नियंत्रित किया।
बार एसोसिएशन ने वरिष्ठ अधिवक्ता को जेल भेजने के साथ ग्राम न्यायालय की स्थापना से पूर्व बार से सामंजस्य स्थापित न किए जाने का विरोध किया।
रविवार को दरियाबाद में एक जमीन के मामले में पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसमें एक वरिष्ठ अधिवक्ता की गिरफ्तारी को लेकर रात में भी वकीलों ने हंगामा किया था। बार महामंत्री नरेन्द्र वर्मा द्वारा पुलिस पर सात वर्ष से कम की धारा में गिरफ्तारी करने और गुपुचुप रिमाण्ड लेकर जेल भेजने पर नाराजगी जताई गई थी।
इसके अलावा बार ने ग्राम न्यायालय की स्थापना में बार से सामंजस्य न बनाने पर नाराजागी जताते हुए पूर्व में ही सोमवार को प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसे लेकर सोमवार को सुबह दस बजे से ही कचहरी में बार पदाधिकारियों के साथ अधिवक्ता जुटने लगे थे। 11 बजे सभी अधिवक्ता जुलूस बनाकर निकले और कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य मार्ग को जाम कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
पुलिस ने मार्ग को किया डायवर्ट : वकीलों के प्रदर्शन को लेकर भारी संख्या में पुलिस व पीएसी तैनात की गई थी। वकीलों के मार्ग जाम करने से लगने वाले जाम को देखते हुए पुलिस ने असैनी की ओर से आने वाले वाहनों को बाईपास की ओर और नाका
सतरिख से आने वाली बसों-ट्रकों व चार पहिया वाहनों को भी बाईपास की ओर डायवर्ट कर दिया था। वहीं देवा तिराहे से भी ट्रैफिक रेलवे अस्पताल और नाका सतरिख की ओर मोड दिया गया। ऐसे में जाम के हालात पर काबू पा लिया गया।
बिखरे दिखे अधिवक्ता : जाम प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं में बिखराव उस समय शुरू हो गया जब कुछ अधिवक्ता डीएम को तो कुछ एसपी को ज्ञापन देने की बात कहने लगे। नतीजा अधिवक्ता इधर-उधर होना शुरू हो गए। चंद अधिवक्ता ही जाम में दिखाई दिए। अधिवक्ताओं ने अंत में चीफ जस्टिस को सम्बोधित ज्ञापन जिला जज को दिया। वहीं मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। एडीएम के आश्वासन के बाद वकीलों का प्रदर्शन समाप्त हो गया।