बिजली मीटरों को डिवाइस के जरिए रीडिंग शून्य कर देने और मीटर को नो डिस्पले करने के खुलासे के बाद पावर कारपोरेशन अधिकारियों ने मीटरों में गड़बड़ी कराने वालों पर कार्रवाई की तैयारी कर ली। मुख्य अभियंता मेरठ जोन ने निर्देश दिए है कि पिछले तीन महीनों में जितने भी उपभोक्ताओं के मीटर सीधे सिर्फ नो डिस्पले की शिकायत पर बदले गए, अब उनकी भी जांच होगी।
नौचंदी थाना पुलिस और एसओजी ने बुधवार को दो लोगों की गिरफ्तारी की थी। वह माइक्रोवेव तथा चिप के जरिए डिवाइस से बिजली मीटरों को नो डिस्पले और रीडिंग शून्य कर देते थे। दोनों की धरपकड़ के बाद पीवीवीएनएल अधिकारियों ने मीटरों में गड़बड़ी कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली। अधिशासी अभियंता तृतीय सचिन कुमार के निर्देश पर मीटर शाखा और बिजली कर्मचारियों की टीमों ने ऐसे मीटरों के लिए अभियान भी चलाया, जो मीटर नो डिस्पले की शिकायत वाले थे।
मुख्य अभियंता मेरठ जोन एसबी यादव ने बताया कि पिछले तीन महीनों में नो डिस्पले शिकायत पर बदले गए मीटरों की जांच को कार्य दो दिन बाद से कराया जाएगा। देखा जाएगा कि कहीं ऐसा तो नहीं सीधे शिकायत पर ही मीटर बदल दिए गए हो। बदले मीटरों की जांच हुई अथवा नहीं इसकी रिपोर्ट तलब की जाएगी।
मीटरों से लैब में जांच रिपोर्ट और पूरी पड़ताल के बाद ही उपभोक्ताओं को क्लीन चिट दी जाए। अधिकारियों का कहना है कि अब बिजली और विजिलेंस की टीमें ऐसे मीटरों की जांच करेगी। जिनमें नो डिस्प्ले और शून्य रीडिंग की शिकायतें होगी।