जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह ने राजस्थान सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता द्वारा नोटिस भेजा है। इसमें उन्होंने दो सितंबर को राजस्थान जाते समय खुद को तीन घंटे तक अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाते हुए सरकार से माफी मांगने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। ऐसा न होने पर सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्य गुर्जर की ओर से दो सितंबर को राजस्थान के अलवर जिले में बानसूर विधानसभा पहुंचने का ऐलान किया गया था। सोशल मीडिया पर उन्होंने सचिन पायलट का समर्थन करते हुए बानसूर की विधायक शकुंतला रावत व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लेकर टिप्पणी की थी। सचिन पायलट के समर्थन में गुर्जर समाज को एकजुट करते हुए आंदोलन करने का ऐलान भी बानसूर में आकर करने की घोषणा की थी।
सोमवार को जिला पंचायत कार्यालय में मुखिया गुर्जर व उनके पुत्र जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर मुखिया गुर्जर की ओर से पत्रकार वार्ता कर जानकारी दी गई। कुलविंदर सिंह ने कहा कि वह निजी कार्य से जयपुर जा रहे थे लेकिन राजस्थान सीमा पर उन्हें रोक लिया गया। न कोई आदेश दिखाए गए और न ही कोई वैधानिक दस्तावेज। गैर कानूनी रूप से उन्हें तीन घंटे धूप में बिठाए रखा और अवैध रूप से हिरासत में लेकर मेरठ भेजा गया। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता डॉक्टर सूरज सिंह द्वारा उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रमुख सचिव को नोटिस भेजा है। मुखिया गुर्जर ने कहा कि यह जिले के प्रथम नागरिक कुलविंदर का अपमान है। इसके खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने दावा किया कि वह दो सितंबर को बानसूर पहुंचे और गुर्जर समाज के लोगों को एकजुट करते हुए आंदोलन की रूपरेखा तय की।