जनपद मुख्यालय स्थित कार्यालय अधीक्षण अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड मण्डल के समक्ष विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयुक्त आह्वान पर उर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही साथ चेताया कि अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो आरपार का आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान कार्यरत कर्मचारी जूनियर इंजीनियरों द्वारा द्वारा सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का पालन करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।समिति के जनपद संयुक्त संयोजक रविन्द्र सिंह यादव ने प्रदेश सरकार व शीर्ष उर्जा निगम प्रबन्धन द्वारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्तुत किये गये प्रस्ताव एवं निजीकरण के उद्देश्य से लाये गये विद्युत अधिनियम 2020 पर आक्रोश जताया। कहा कि यह पूरी तरह से जनविरोधी एवं मजदूर विरोधी है। आगाह किया कि यदि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी आजमगढ़, गोरखपुर,बस्ती, मिर्जापुर, प्रयागराज के निजीकरण के कर्मचारी विरोधी फैसले को वापस नहीं लेता तो कर्मचारी प्रदेश व्यापी आन्दोलन प्रारम्भ करनें को बाध्य होगें। प्रदीप सिंह ने कहा कि कर्मचारी एकता के सूत्र में बधकर इस आन्दोलन को शान्तिपूर्वक चलाने का काम करें और आने वाले समय में सभी विद्युत कर्मी इस आन्दोलन में बड़ी संख्या में भाग लें। इस अवसर पर मुख्य रुप से रविन्द्र सिंह यादव, सूर्यदेव पाण्डेय, प्रदीप सिंह, इंतेजार, बीरबहादुर, संजय कुमार, शशिप्रकाश, संजय यादव, राजेश कुमार, श्यामसुन्दर, निर्मला राय, विद्या सोनकर, राजसरन, कु0 लक्ष्मी, अरूण कुमार श्रीवास्तव, अरूण कुमार पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।